PM Awas Yojana Scam : गरीबों के आशियाने पर भ्रष्टाचार का साया!, पांडुका पंचायत में अवैध वसूली का खुलासा!, ऑडियो और स्क्रीनशॉट से बढ़ी कार्रवाई की मांग
PM Awas Yojana Scam: Corruption looms over the homes of the poor! Illegal extortion exposed in Panduka Panchayat! Audio and screenshots fuel demand for action
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत पांडुका में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है. मामले में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पैसों के ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है.
शिकायतकर्ता मिलेश्वरी निर्मलकर ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि जनपद पंचायत छुरा क्षेत्र में योजना का फायदा दिलाने के नाम पर हितग्राहियों से अवैध तरीके से पैसे लिए गए. शिकायत के बाद हुई विभागीय जांच में भी वसूली के आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है.
25 नवंबर 2024 की जांच रिपोर्ट के मुताबिक कई ग्रामीणों से रकम ली गई. शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने स्वयं सहित अन्य लोगों ने भी पैसे दिए. इसी बीच 16,100 रुपये उपसरपंच भवानी शंकर सोनी के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर किए जाने का कथित स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर पेश किया गया है.
इस मामले में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है. जिसमें पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन की तरफ़ से ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. लेकिन जांच में इसे अहम सबूत माना जा रहा है.
जांच दल ने उपलब्ध दस्तावेजों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिक तौर पर यह पाया कि उपसरपंच भवानी शंकर सोनी और पंच चमन देवांगन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली की गई. ग्रामीणों का आरोप है कि गरीब हितग्राहियों से सरकारी योजना का फायदा दिलाने के एवज में पैसे लेना शासन की मंशा के खिलाफ है.
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए और वसूली गई रकम पीड़ितों को वापस दिलाई जाए.
इस मामले को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं हुई. तो लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा.
ग्रामीणों की 3 प्रमुख मांगें
दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो.
भ्रष्ट प्रतिनिधियों को भविष्य में चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाए.
वसूली गई राशि को तत्काल प्रभाव से पीड़ित ग्रामीणों को वापस दिलाया जाए.
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