9वीं के छात्र की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, पोस्टमार्टम के बाद ऑटो से लाया गया शव, मुक्तांजलि वाहन नहीं मिलने से भड़का परिजनों का आक्रोश

The suspicious death of a ninth-grade student caused a stir. The body was brought home by autopsy after the post-mortem. Family members were enraged when they were unable to find a funeral vehicle.

9वीं के छात्र की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, पोस्टमार्टम के बाद ऑटो से लाया गया शव, मुक्तांजलि वाहन नहीं मिलने से भड़का परिजनों का आक्रोश

दुर्ग : धमधा थाना इलाके में एक छात्र का शव संदिग्ध हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतक छात्र की पहचान तामेश्वर ठाकुर, उम्र 16 साल निवासी सोनेसरार, धमधा के रुप में की गई है. तामेश्वर कक्षा 9वीं का छात्र था और अपने चाचा के साथ दुर्ग जाने के लिए घर से निकला था. लेकिन वापस नहीं लौटा.
मिली जानकारी के मुताबिक छात्र का शव सोमवार को महाराजपुर चौक के पास संदिग्ध हालत में मिला. परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ भारी आक्रोश भी है. खबर मिलते ही धमधा टीआई युवराज साहू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. परिजनों से घटना की जानकारी ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. शव का पीएम होने के बाद परिजनों ने डेड बॉडी को ले जाने के लिए मुक्तांजलि वाहन की मांग की. जिस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर की. इस बात से परिजन खासे नाराज हुए. नाराज परिजनों ने इस बात को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की.
इस मामले पर धमधा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. डी.पी. ठाकुर ने कहा कि धमधा ब्लॉक में फिलहाल एक भी मुक्तांजलि वाहन उपलब्ध नहीं है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि टोल फ्री नंबर पर कॉल करने पर जिले से मुक्तांजलि वाहन भेजी जाती है, लेकिन इसमें समय लग सकता है. इस जवाब से परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया. अंत में परिजन मजबूरी में परिजन ऑटो रिक्शा से ले गए. यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोग भावुक हो उठे और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की.
लोगों का कहना है कि यदि समय पर मुक्तांजलि वाहन उपलब्ध होता तो परिजनों को इस अपमानजनक स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता. वहीं छात्र की संदिग्ध मौत के बाद धमधा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का खुलासा होने की बात कही जा रही है.
मुक्तांजलि वाहन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरु की गई एक निशुल्क सेवा है. जिसका मकसद अस्पताल में मृत व्यक्ति के शव को उसके घर या मुक्तिधाम (श्मशान घाट/कब्रिस्तान) तक ले जाना है. जिसके लिए डायल 1099 पर कॉल करना पड़ता है. कई जिलों में मुक्तांजलि वाहन की हालत जर्जर हाल में है. कई बार वेतन को लेकर मुक्तांजलि वाहन के चालक हड़ताल पर भी चले जाते हैं. कई बार लोगों की शिकायत होती है कि मुक्तांजलि वाहन के ड्राइवर समय पर उपलब्ध नहीं होते.
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