13 मजदूर आंध्र प्रदेश में एक महिना बंधक रहने के बाद पहुंचे गांव, अब दलाल और ठेकेदार के दबाव से हुआ हुक्का पानी बंद, घर से बाहर निकलना मुश्किल
13 workers reached their village after being held captive for a month in Andhra Pradesh, now due to pressure from broker and contractor, their hookah paani (water supply) has been cut off, it is difficult to go out of the house
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार को लेकर पलायन कोई नयी बात नहीं है. दक्षिण राज्यों में बंधक बनाया जाना भी अक्सर देखा गया है लेकिन बड़ी मुश्किल से जान बचाकर गांव पहुंचे लोगों का हुक्का पानी बंद करना ये अजीबो गरीब मामला है.
ऐसा ही एक मामला मैनपुर ब्लाक के केंदुपाटी में देखने को मिल रहा है. जहां आंध्रप्रदेश के बोराकुंडा गांव के ईंट भट्ठे में काम करने गए 13 मजदूरों के लिये गांव में हुक्का पानी बंद कर दिया गया है. आरोप है कि दलाल के जरिए आंध्रप्रदेश पहुंचे मजदूरों के साथ वहां मारपीट गाली गलोच कर दबाव पूर्वक महीने भर काम कराया गया. दहशत भरे मजदूर जैसे-तैसे गांव पहुंचे तो ठेकेदार और दलाल मिलकर गांव मे 13 लोगों का हुक्का पानी बंद करा दिया.
आरोप है कि पैसा वापस करो या काम पर जाओ इन शर्तों के साथ जान बचाकर आए मजदूरों पर अब दबाव बनाया जा रहा है. ठेकेदार और लेबर के बीच दलालों का दखल... दलाल कमाते हैं मोटा मुनाफा... 60 हजार प्रति व्यक्ति देने डील हुआ था वो तो मिला नहीं अभी 80 हजार प्रति व्यक्ति वसूली करने ठेकेदार और दलाल दबाव बनाकर गांव से बहिष्कृत करवा दिया.
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