तीन साल से कम उम्र के बच्चों का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पर लगी पाबंदी, एक जनवरी से शुरु होंगी 10वीं-12वीं प्रायोगिक परीक्षाएं

Admission of children under three years of age to pre-primary schools banned, 10th-12th practical exams to begin on January 1st

तीन साल से कम उम्र के बच्चों का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पर लगी पाबंदी, एक जनवरी से शुरु होंगी 10वीं-12वीं प्रायोगिक परीक्षाएं

तीन साल से कम उम्र के बच्चों का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पर लगी पाबंदी

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित सभी गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के लिए अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. राज्य में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालय, जो कक्षा एक से ऊपर की कक्षाएँ संचालित नहीं करते. उन्हें अपने संस्थान का पंजीयन तीन माह के भीतर संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अनिवार्य रुप से पेश करना होगा.
पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे
पंजीयन प्रक्रिया में संस्थान को अपने नाम से संबंधित विवरण, शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. विद्यालयों के संचालन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों को अनुसूची-एक में निर्धारित सभी मानकों का पालन करना होगा.
तीन साल से कम उम्र के बच्चों का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित
प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विभाग ने साफ किया है कि नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 में प्रवेश के लिए आयु सीमा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी तीन वर्ष से कम उम्र के किसी भी बालक या बालिका का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. प्रवेश के लिए आयु सत्यापन सिर्फ शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित वैध दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा.
बच्चों को शारीरिक दंड देना पूर्णतः निषिद्ध
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी बच्चे पर शारीरिक दंड देना या मानसिक उत्पीड़न करना पूर्णतः निषिद्ध होगा. विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, स्वास्थ्यकर एवं खेल-आधारित सीखने का वातावरण सुनिश्चित किया जाना जरुरत होगा. जिससे बच्चों का समग्र विकास सुचारु रुप से हो सके.
पालक-शिक्षक समिति का गठन जरुरी
पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के पारदर्शी तथा प्रभावी संचालन के लिए पालक-शिक्षक समिति का गठन जरुरी किया गया है. विद्यालय शुरु होने के एक महीने के भीतर यह समिति गठित की जाएगी. जिसमें 75% पालक और 25% शिक्षक सदस्य होंगे. समिति के अध्यक्ष का चयन पालकों के मध्य से किया जाएगा और इसमें 75% महिलाएँ शामिल होंगी. हर कक्षा से एक-एक पालक सदस्य लिया जाएगा.
बैठक हर तीन महीने में एक बार जरुरी होगा
समिति का कार्यकाल एक साल का होगा और इसकी बैठक हर तीन महीने में अनिवार्य रुप से आयोजित की जाएगी. बैठकों से संबंधित समस्त विवरण रजिस्टर में संधारित किया जाना जरुरी होगा. समिति विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल-खेल में शिक्षा की व्यवस्था पर निगरानी रखेगी.
पंजीयन तीन महीने के भीतर कराना होगा
राज्य शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों का पंजीयन आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर सुनिश्चित करें. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नियमित रुप से हो. यह दिशा-निर्देश राज्य में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक अहम कदम है.
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एक जनवरी से शुरु होंगी 10वीं-12वीं प्रायोगिक परीक्षाएं

रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी हैं. प्रदेशभर के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों में 1 जनवरी 2026 से प्रायोगिक परीक्षाएं शुरु होंगी, जिन्हें 20 जनवरी तक पूरा करना जरुरी होगा.
पिछले सालों में प्रायोगिक परीक्षाएं सामान्यतः 10 जनवरी से शुरु होती थीं. लेकिन इस बार बोर्ड ने परीक्षाएं 10 दिन पहले शुरु करने का फैसला लिया है. ताकि विद्यालय समय पर छात्रों के प्रायोगिक अंक माशिम को भेज सकें.
अंक समय पर भेजने पर जोर
कई बार विद्यालय समय पर प्रायोगिक अंक नहीं भेज पाते. जिससे छात्रों के अंतिम परीक्षा परिणाम जारी करने में विलंब की स्थिति बन जाती है. अब प्रायोगिक परीक्षाएं जल्दी शुरु कराकर अंक समय पर भेजने की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जाएगा.  माशिम इन अंकों के आधार पर ही अंतिम मार्कशीट तैयार करता है.
मार्च के पहले सप्ताह से होंगी सैद्धांतिक परीक्षाएं
कक्षा 10वीं और 12वीं की सैद्धांतिक परीक्षाएं मार्च के पहले हफ्ते से आयोजित की जाएंगी.। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा
प्राइवेट छात्रों के लिए अभी नहीं डेटशीट
जारी की गई समय-सारणी सिर्फ रेगुलर छात्रों के लिए है. प्राइवेट (स्वाध्यायी) छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं सैद्धांतिक परीक्षा के दौरान, दो विषयों के पेपरों के अंतराल में आयोजित की जाएंगी. इसके लिए बोर्ड अलग से अधिसूचना जारी करेगा.
प्राचार्यों को दिए गए दिशा-निर्देश
रेगुलर छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए माशिम ने प्राचार्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं. इन्हीं निर्देशों के आधार पर परीक्षा और प्रायोजना कार्य का संचालन किया जाएगा.
1 से 20 जनवरी के बीच प्रायोगिक परीक्षाओं के साथ-साथ प्रायोजना कार्य भी संपन्न कराना जरुरी रहेगा. छात्रों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे समय-सारणी के मुताबिक तैयारी शुरु कर दें ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रुप से पूरी हो सके.
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