गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले के सामने CAF कैंडिडेट्स का हंगामा, धरना स्थल परअभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत, कंधे पर लादकर ले गए अस्पताल
CAF candidates create ruckus outside Home Minister Vijay Sharma's bungalow; candidate's health deteriorates at protest site, carried to hospital on shoulders
रायपुर : छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्ड (CAF) के लिए 2018 में 1786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी. इनमें करीब 417 कैंडिडेट वेटिंग लिस्ट में थे. जिन्हें 7 साल बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है. जबकि CAF में 3 हजार से ज्यादा पोस्ट खाली है. इनमें से कुछ उम्मीद हारकर दूसरा करियर ऑप्शन देख चुके हैं.
कुछ 7 साल से लगातार दफ्तरों और मंत्री बंगलों के चक्कर काट रहे हैं. पिछले एक महीने से परिवार-बच्चों सहित तूता धरना स्थल पर बैठे हैं. मंगलवार को चौथी बार गृहमंत्री सदन अपनी मांग लेकर पहुंचे. इस दौरान कैंडिडेट्स और पुलिस के अधिकारियों के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई. बता दें कैंडिडेट्स ने गृहमंत्री विजय शर्मा का बंग्ला घेर रखा है. मुलाकात और चर्चा की मांग पर कैंडिडेट्स अड़े हुए हैं. कैंडिडेट्स को हटाने पुलिस पहुंची. धरने के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की. लेकिन अभ्यर्थी मौके से नहीं हटे. इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प थोड़ी झड़प भी हुई. कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है. कैंडिडेट्स का आरोप है कि पुलिस महिलाओं और बच्चों पर जोर आजमाइश कर रही है.
इस बात को लेकर विवाद उपजा हुआ है. कैंडिडेट्स का साफ कहना है कि वो गृहमंत्री से मुलाकात किए बिना नहीं जाएंगे. बता दें दो मुलाकात में गृह मंत्री विजय शर्मा से कैंडिडेट्स को आश्वासन मिला था. तीसरी बार कैंडिडेट्स से गृहमंत्री की मुलाकात नहीं हो पाई थी. गृह मंत्री विजस शर्मा दिल्ली प्रवास पर हैं और वे शाम तक दिल्ली पहुंचेंगे.
भ्यर्थियों का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, हमें लिखित आदेश चाहिए. वे किसी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहते और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे पहले भी कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं. लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं ले रही है. सालों इंतजार कर रहे युवाओं की उम्र सीमा बढ़ती जा रही है और भविष्य अधर में लटका हुआ है.
फिलहाल गृहमंत्री निवास के बाहर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. प्रशासन और सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
धरना स्थल पर बिगड़ी अभ्यर्थी की तबीयत
रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार दोपहर CAF वेटिंग कि एक अभ्यर्थी चांदनी सोनवानी की तबीयत अचानक बिगड़ गई. उसे 103 से 104 डिग्री तक बुखार आ गया. जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मदद मांगी. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाए ये कहा कि वो चांदनी को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था खुद करें. जब काफी देर तक मदद नहीं मिली तो चांदनी सोनवानी को प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने गद्दे के सहारे कंधे पर उठाया और पैदल अस्पताल की तरफ चल पड़े.
आरोप है कि इस दौरान अभ्यर्थी नौकरी दो या फांसी दो की मांग करते हुए केंद्री गांव तक पहुंचे. 7 किलोमीटर बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची. इस दौरान बीमार चांदनी को अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को ही रोकने का प्रयास किया. पुलिस के रोके जाने पर अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई. केंद्री गांव के पास अभ्यर्थियों ने प्राइवेट वाहन की मदद से चांदनी को अस्पताल पहुंचाया. जहां उसका इलाज जारी है.
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