राजस्व मामले में लापरवाही, तीन तहसीलदारों को नोटिस, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय जस्टिस ने दिया डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर का आदेश

Negligence in revenue matter notice to three tehsildars Chhattisgarh High Court Justice ordered FIR against Deputy Collector

राजस्व मामले में लापरवाही, तीन तहसीलदारों को नोटिस, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय जस्टिस ने दिया डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर का आदेश

राजस्व मामले में लापरवाही, तीन तहसीलदारों को नोटिस

बिलासपुर : कलेक्टर अवनीश शरण ने राजस्व मामले में शिथिलता बरतने पर बिलासपुर तहसीलदार मुकेश देवांगन, रतनपुर तहसीलदार आकाश गुप्ता और कोटा तहसीलदार प्रकाश साहू को नोटिस जारी किया है. उन्होंने विशेषकर नक्शा बटांकन में ढिलाई बरती है. जो कि मुख्यमंत्री के सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है. कलेक्टर अवनीश शरण राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे.
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं में प्रगति लाते हुए और तेज गति से कार्य करें. कलेक्टर ने गिरदावरी का काम पूरी शुद्धता से करने कहा. डिजीटल क्रॉप सर्वे का काम भी समय-सीमा में पूरा करने कहा. राजस्व मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने मनरेगा के कामों में और प्रगति लाते हुए मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिया. पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए सेचुरेशन लेवल हासिल करने तक प्रगति लाने निर्देश दिया. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कुष्ठ रोग और टीबी उन्मूलन के लिए और बेहतर काम करने कहा.
सामुदायिक अस्पतालों में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों में एक भी बेड खाली न रहे यह कोशिश करें. एनएचएम के रिक्त पदों पर भरती की कार्यवाही करने के निर्देश दिया. बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत आर पी चौहान, एडीशनल कलेक्टर तन्मय खन्ना सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे.
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय जस्टिस ने दिया डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर का आदेश

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राजस्व अभिलेखों के सुरक्षित नहीं रखने के मामले में तात्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार जयशंकर उरांव, रीडर एनके पांडेय और जमीन खरीददार सुरेन्द्र बहादुर सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. अवमानना याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को तय की गई है. इस आदेश के बाद से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया.
मिली जानकारी के मुताबिक पौंसरा की 2.15 एकड़ जमीन की खरीदी-बिक्री 2013-14 में की गई थी. उस दौरान इस पर काफी विवाद हुआ था. बाद में मामला शांत हो गया और जमीन का नामांतरण भी कर दिया गया. नामांतरण आदेश में तात्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार जय शंकर उरांव के दस्तखत हैं. बाद में पेखन लाल शेंडे ने पक्षकार बनते हुए पूरी रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण आदेश के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के लिए 31 अगस्त 2024 को तहसील बिलासपुर में आवेदन लगाया. कई बार चक्कर काटने के बाद भी नकल की कॉपी नहीं मिली तो पेखन लाल शेंडे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. कोर्ट ने आवेदक को पूरे मामले के दस्तावेज उपलब्ध कराने के आदेश दिए. लेकिन इसके बाद भी तहसील आफिस से कोई जवाब नहीं दिया गया.
समय सीमा बीतने के बाद पेखन लाल शेंडे ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की. कोर्ट ने मामले में एसडीएम बिलासपुर पियूष तिवारी, तहसीलदार अतुल वैष्णव, तहसीलदार मुकेश देवांगन को अवमानना नोटिस जारी किया. जवाब में अधिकारियों ने दस्तावेज के रिकार्ड सौंपने के लिए समय की मांग की. हाईकाेर्ट ने समय देते हुए हर हाल में 24 अक्टूबर को रिकार्ड कोर्ट में पेश करने कहा था. इसके बाद पूरी राजस्व की टीम 15 दिनों तक दस्तावेज खोजती रही. रिटायर रीडर एनके पांडेय को भी बुलाया गया. इसके बाद भी उस मामले के रजिस्ट्री और नामांतरण संबधी एक भी कागज नहीं मिला.
अधिकारियों ने इस आशय का जवाब भी कोर्ट में पेश किया कि तहसील आफिस से पूरे रिकार्ड गायब हैं. इसके साथ ही जवाब पेश किया गया कि रिटायर रीडर एनके पांडेय के खिलाफ लापरवाही के मामले में एफआईआर कराने के लिए सिविल लाइन थाने में शिकायत की जा रही है.
जस्टिस एनके व्यास की कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि सिर्फ रीडर ही क्यों मामले में तहसीलदार भी तो दोषी हैं. नामांतरण में कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ी है. तभी तो पूरी फाइल गायब है. नामांतरण आदेश पर तात्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार जयशंकर उंराव के साइन भी हैं. इसके साथ ही जमीन खरीददार सुरेन्द्र बहादुर सिंह के खिलाफ भी एफआईआर कराने कहा गया.
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