50 लाख दहेज के बाद भी अत्याचार!, भूख हड़ताल पर बैठी तहसीलदार की पत्नी बोली- पति संग रहने दो नहीं तो ससुराल की चौखट पर दे दूंगी जान

Torture even after 50 lakh dowry! Tehsildar's wife on hunger strike said- Let me live with my husband or else I will kill myself at the doorstep of my in-laws

50 लाख दहेज के बाद भी अत्याचार!, भूख हड़ताल पर बैठी तहसीलदार की पत्नी बोली- पति संग रहने दो नहीं तो ससुराल की चौखट पर दे दूंगी जान

बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तहसीलदार पति के साथ रहने के हक की लड़ाई लड़ रही रेनु गुप्ता ने शुक्रवार शाम से अन्न और जल का त्याग कर दिया है. इसके साथ उसने प्रण लिया है कि अगर 48 घंटे में उसे उसके पति ने स्वीकार नहीं किया तो वह अपनी ससुराल की चौखट पर अपने प्राण त्याग देगी, जिसके लिए ससुराल पक्ष के साथ-साथ शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है.
रेनु की इस लड़ाई में उसकी देवरानी वंदना गुप्ता भी शामिल हो गई है. पति के साथ रहने की मांग करते हुए बीते छह दिनों से तहसीलदार राहुल गुप्ता की पत्नी रेनु गुप्ता और उसकी देवरानी वंदना पटेल गुप्ता बीते 5 दिनों से ससुराल की चौखट पर बैठी हैं.
नहीं मिली शासन प्रशासन से कोई मदद
रेनु गुप्ता ने अपने ताजा वीडियो में बताया कि पांच दिन से ससुराल की चौखट में बैठे रहने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला है. यहां तक शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी आ भी रहे हैं, तो वे उसे घर (ससुराल) से बाहर जाने के लिए कह रहे हैं.
नहीं तो कर लूंगी आत्मदाह
रेनु ने बताया कि इस बात से परेशान हो चुकी हूं. मुझे किसी भी तरह से अपना अधिकार चाहिए, मुझे अपने पति के साथ रहना है. इसके लिए अभी से मैं प्रण लेती हूं कि मैं अन्न-जल का ग्रहण नहीं करुंगी. अगर 48 घंटे के भीतर मुझे मेरे घर में रहने का अधिकार नहीं मिला तो देह दाह कर दूंगी, और इसके जिम्मेदारी ससुराल वालों के साथ शासन-प्रशासन पर होगी.
देवर भी अपनी पत्नी को छोड़ भागा
रेनु की लड़ाई में उसकी देवरानी वंदना भी साथ हो गई है. जानकारी के अनुसार, वंदना पटेल ने रेनु गुप्ता के देवर रोहित गुप्ता से वर्ष 2024 में प्रेम विवाह किया था. दोनों जगदलपुर में रह रहे थे. जून के महीने में उसका पति जगदलपुर से झलमला जा रहा हूं कहकर निकला, लेकिन झलमला आया ही नहीं, और न ही वंदना से उस दिन के बाद कोई बात की है. परेशान वंदना झलमला स्थित मकान में आई, लेकिन यहां ताला बंद मिला. इसके साथ वह रेनु की तरह अपने पति को हासिल करने बैठी हुई है.
बता दें कि रेनु गुप्ता की नवंबर 2022 में बालोद के तत्कालीन नायब तहसीलदार राहुल गुप्ता से सामाजिक रीति-रिवाज के साथ हुई थी. बकौल रेनु शादी के 50 दिन बाद से तहसीलदार पति एवं उनके परिवार वाले दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने की वजह से वह मायके में रह रही थी.
बुधवार से ससुराल के बाहर बैठी
रेनु ने बताया कि वह कई बार ससुराल में रहने आई पर ससुरालवालों ने उन्हें घर में रहने नहीं दिया. बुधवार को वह फिर ससुराल में रहने आई, लेकिन इस बार भी उन्हें घर में घुसने नहीं दिया गया. इसके बाद रेणु घर के बाहर ही बुधवार सुबह से अभी तक बैठी है. बता दें कि पति राहुल गुप्ता अभी दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ हैं. वहीं लड़की का ससुर सतीशचंद्र गुप्ता बालोद में मत्स्य अधिकारी हैं.
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