स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से तीसरी क्लास के दो बच्चे घायल, एक छात्रा का सिर फटा, प्रशासन की लापरवाही से मासूमो की जिंदगी लगी दांव पर

Two third class children were injured when plaster fell from the roof of the school, one student suffered a head injury, lives of innocent children are at stake due to the negligence of the administration

स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से तीसरी क्लास के दो बच्चे घायल, एक छात्रा का सिर फटा, प्रशासन की लापरवाही से मासूमो की जिंदगी लगी दांव पर

मुंगेली/जरहागांव : मुंगेली जिले के जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों के मरम्मत व जतन के दावों की खुली पोल खुल गई. मुंगेली विकासखण्ड में बरदुली स्थित प्राथमिक शाला भवन में बड़ा हादसा हो गया. बिरदुली गांव में स्कूल का छत गिरने से दो बच्चे घायल हो गए. ढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा का सिर का सिर फट गया, वहीं दूसरी छात्रा को चोट आई है. दोनो को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है.
चल जाबो पढ़ेबर जीनगी गढ़ेबर स्लोगन आज के हालत में बिल्कुल विपरीत हो गया है. स्कूल में जीनगी गढ़ने के बजाय अब बच्चों की जान पर बन आई है. इसका जीता जागता उदाहरण शा.प्राथ.शाला बरदुली में देखा गया. जहां अचानक स्कूल की छत का भरभरा कर गिर गया. छत गिरने से तीसरी क्लास के छात्र हिमांचुक दिवाकर, आंशिक दिवाकर के सिर में चोट लगी है. छत का प्लास्टर बच्चों के ऊपर गिरने से सिर में गंभीर चोटे आई है. हादसे के बाद दोनों बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. यह पर दोनो बच्चों का इलाज किया जा रहा है. इसमें से एक बच्चे के सिर में तीन टांके लगे है. हादसे के बाद से स्कूल के बच्चे दहशत में है.
चोटिल हुए बच्चों के पिता राजा दिवाकर, रमेश दिवाकर ने बताया कि प्राथमिक शाला में बच्चे पढ़ने गए थे. अचानक भारभरकर छत का प्लास्टर गिर गया. जिसकी वजह से बच्चे के सिर में चोटे आई हैं. जब से बच्चे को चोट लगी है तब से बच्चे सहम सा गया है. स्कूल जाने के नाम से घबरा रहा है.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता रामचंद्र साहू,मकराल यादव, सरपंच प्रतिनिधि तुका राम साहू घर पहुंच कर बच्चे के हालचाल पूछा और बच्चे को मोटिवेट कर हर संभव मदद करने की बात कही गई.
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से अधिकारी आए थे उनके द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दशरंगपुर में प्राथमिक उपचार कराकर घर भेज दिया. घटना स्थल पहुंचकर घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. एक बच्चे के सिर में तीन टांके लगे है. हालत को देखते हुए बच्चे को फौरन बिलासपुर रिफर किया जाना था लेकिन बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है. हादसे से पहले स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही दिख रही है. अगर भवन जर्जर है तो बच्चों को बैठाना खतरे से खाली नहीं है. -रामचंद्र साहू, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जरहागांव
हादसे की जानकारी मिलते ही फौरन घटना स्थल पहुंचकर शिक्षा विभाग को खबर दी गई. घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया. जर्जर भवन में बच्चों को नहीं बैठाने के लिए प्रधान पाठक को हिदायत दी गई है. साथ ही प्रशासन से अतिरिक्त कक्ष निर्माण कराने की मांग की गई. -रानू तुकाराम साहू, सरपंच ग्राम पंचायत बरदुली
प्राथमिक शाला भवन का छत गिरने की जानकारी मिलते ही बीईओ को घटना स्थल भेजा गया. वहां के प्रधान पाठक अखिलेश शर्मा एवं शिक्षकों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि घटना अचानक हुई है. वहां छत गिरने की हालत में दिखाई नहीं दे रही थी. लेकिन अचानक छत गिरने से बच्चे को कुछ चोटे आई हैं. जिसे इलाज कराया गया है. क्लास आंगनबाड़ी में लगाने के लिए खा गया है. -सी के घृतलहरे, जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली
कलेक्टर ने मौके पर ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बावरे, बीआरसी सूर्यकांत उपाध्याय, संकुल समन्वयक शत्रुघ्न साहू और प्रधान पाठक अखिलेश शर्मा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिया.
यह घटना सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की नाकामी का सबूत है. शासन के आदेश हवा में उड़ाना, बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखना और हादसे के बाद कागजी कार्रवाई करना यही हमारी प्रशासनिक कार्यशैली बन चुकी है. क्या हमें अगली बार किसी बड़े हादसे का इंतजार करना होगा. ताकि इस सुस्त मशीनरी को झटका लगे?
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