सुर्या पैथोलॉजी लैब में दी खून जांच की गलत रिपोर्ट, डॉक्टर ने इलाज करने से किया इंकार, मरीज को किया रेफर, जांच के नाम पर स्वास्थ्य से खिलवाड़!
Wrong report of blood test given in Surya Pathology Lab doctor refused to treat referred the patient playing with health in the name of investigation
छुरा : एक निजी पैथोलॉजी लैब की लापरवाही की वजह से आदिवासी गरीब महिला मरीज के ब्लड जांच की रिपोर्ट गलत आ गई. रिपोर्ट के गलत होने की जानकारी उस समय हुई जब आदिवासी गरीब महिला को ब्लड की जांच फिर से निजी लैब में जांच कराई. छुरा के सूर्या पैथोलॉजी लैब में की गई. जांच में लैब की लापरवाही सामने आई.
मिली जानकारी के मुताबिक छुरा विकास खण्ड के निवासी टिकेश्वरी ध्रुव का स्वास्थ्य काफी बिगड़ी हुई थी. स्वजन ने छुरा के निजी अस्पताल ले गए. जहां चिकित्सक ने महिला की खून की कुछ जांच करने के लिए कहा.
स्वजनों ने सूर्या पैथोलॉजी निजी लैब पर जांच कराई. लैब की रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक ने आदिवासी गरीब महिला का इलाज करने से मना कर दिया. फौरन बाहरी अस्पताल रेफर कर दिया.
जब बाहरी निजी अस्पताल के चिकित्सक ने फिर से ब्लड की जांच की तो शुरुआत जैसे छुरा मुख्यालय में हुई नवापारा राजिम के निजी लैब में रिपोर्ट आई. उक्त रिपोर्ट के आधार में सूर्या पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट पुरी तरह से गलत दिख रहा है. अब क्या सच है क्या गलत इसकी स्वास्थ्य विभाग की आधिकारी ही बता पाएंगे.
सूर्या पैथोलॉजी लैब में आदिवासी गरीब महिला टिकेश्वरी ध्रुव के ब्लड की सेंपल करीब 3 बजकर 2 मिनट में दी और रिपोर्ट में 3 बजकर 8 मिनट मिली. जिसमे रिपोर्ट के अनुसार WBC count की तादाद 600 लिखी गई है. इसके चलते चिकित्सक ने मरीज को बड़े अस्पताल में रेफर करने की बात कही. स्वजन ने मरीज को नवापारा राजिम के निजी अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सक ने महिला की खून का सैंपल लेकर निजी लैब में जांच कराया. जहां रिपोर्ट में WBC count की तादाद 7500 लिखा है. रिपोर्ट आने के बाद आदिवासी गरीब महिला मरीज टिकेश्वरी ध्रुव की इलाज हुई तीसरे दिन तबियत में सुधार आया. और कुशल मंगल घर अपने पहुंचे गए.
मरीज के पति निहाल सिंह ध्रुव का कहना है सुर्या पैथोलॉजी जो भारतीय स्टेट बैंक के सामने संचालित है. जो लैब आड़ में गलत रिपोर्ट तैयार आम जनता की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं. जिस पर शासन प्रशासन से निवेदन है ऐसे लैब संचालन पर उचित दंडनात्मक कार्यवाही हो. ताकि छुरा क्षेत्रवासियों की आम जनता के स्वास्थ्य साथ इस तरह से खेलवाड़ किसी के साथ ना हो. हम गरीब आदिवासी परिवार के हैं. मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. हमारे परिवार के किसी भी सदस्य की तबीयत खराब हो जाएगी तो निजी अस्पताल में इलाज कराने में असमर्थ हैं. और आज सूर्या पैथोलॉजी लैब से जो लापरवाही हुई है जिसके चलते हमारे छ: महिने की मजदुरी कमाई की पैसे को इलाज में खर्च करना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है.
क्या कहते है जिम्मेदार
सुर्या लैब संचालक से हमारे मिडिया ने संपर्क किया तो लैब सांचालक का कहना है कि टीकेश्वरी ध्रुव का खून जांच हुआ है. जो रिपोर्ट आपको मिली है. यह सही है लेकिन रिपोर्ट गलत नहीं है उसके खून को दुबारा जांच किया हूं. जिसमें WBC count बढ़कर 900 आए हैं.
कीर्तन साहु ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर का कहना है मरीज की हालत को देखते हुए दोनों रिपोर्ट को मिलान करने से सूर्या पैथोलॉजी की रिपोर्ट गलत है. इस विषय को संज्ञान में लेकर जांच की जाएगी.
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