इंस्टाग्राम पर प्यार, अवैध संबंध के बाद शादी की जिद, मां-बेटे की कुंए से मिली लाश, दो चचेरे भाई छत्रपाल और शुभम हत्या के आरोप में गिरफ्तार
Love on Instagram, insistence on marriage after illicit relationship, dead bodies of mother and son found in a well, two cousins Chhatrapal and Shubham arrested for murder
दुर्ग : दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खम्हरिया में कुएं से एक महिला और आठ साल के बच्चे बालक के शव मिलने के मामले में पुलिस ने 12 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है. हत्या की इस हृदयविदारक वारदात को मृतिका के प्रेमी और उसके चचेरे भाई ने मिलकर अंजाम दिया था. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 22 जून को ग्राम खम्हरिया स्थित दो अलग-अलग बाड़ियों में बने कुओं से बदबू आने की खबर पर पुलिस ने कार्रवाई की. एक कुंए में बोरी में लिपटा महिला का शव मिला. जबकि दूसरे कुंए में उसके आठ साल के बेटे का शव बरामद हुआ. दोनों शवों को साड़ी और प्लास्टिक की बोरी में लपेटकर कुएं में फेंका गया था.
दरअसल सुनीता चतुर्वेदी उर्फ पल्लवी उम्र 30-35 साल की रायपुर में रहने वाले छत्रपाल सिंगौर से इंस्टाग्राम के जरिए पहचान हुई थी. पहली मुलाकात महादेव घाट के पास हुई. इसके बाद छत्रपाल सिंगौर को मृतिका सुनीता चतुर्वेदी ने बताया कि मेरे पति का स्वर्गवास हो गया है और मैं अपने 8 साल के बच्चे के साथ, मां बाप के साथ रायपुर में रहती हूं. तब आरोपी छत्रपाल ने बोला कि मेरा भी शादी नहीं हुई है. मैं तुमसे शादी कर लूंगा और बच्चे को रख लूंगा कहकर मृतिका से आए दिन मिलता रहा और लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा.
मृतिका बार बार शादी करने एवं साथ में रहने के लिए बोलने पर आरोपी ने 1 महिना 2 महिना बाद बोलकर टालता रहा. इसी बीच आरोपी छत्रपाल ने डेढ़ महीने पहले उसने किसी और महिला से विवाह कर लिया. इसके बावजूद सुनीता अपने बेटे के साथ उसके साथ रहने का दबाव बनाने लगी. बढ़ते तनाव से परेशान छत्रपाल ने अपने चचेरे भाई शुभम सिंगौर को भरोसे में लेकर सुनीता और उसके बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
18 जून 2025 को छत्रपाल सुनीता और उसके बेटे को रायपुर से अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी में बैठाकर खम्हरिया गांव लाया. जहां पहले से शुभम उसका इंतजार कर रहा था. दोनों भाइयों ने मिलकर खेत में सुनीता और उसके बेटे का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को अलग-अलग साड़ियों में लपेटकर बोरी में भर दिया. फिर उन्हें दो अलग-अलग कुओं में फेंक दिया गया. महिला का शव भगवानदास महिलांग की बाड़ी में और बच्चे का शव राधेलाल गायकवाड़ की बाड़ी में फेंका गया था. शवों के साथ पत्थर भी बांधे गए थे ताकि वे सतह पर न आ सकें.
22 जून को शव मिलने के बाद थाना अमलेश्वर में मर्ग दर्ज कर फौरन जांच शुरु की. एसएसपी दुर्ग के निर्देश पर गठित एसआईटी टीम ने सुराग जुटाना शुरु किया. छत्रपाल सिंगौर की भूमिका संदिग्ध पाई गई. जिसके बाद बारीकी से पूछताछ में उसने कत्ल करना कबूल कर लिया. आगे की जांच में रायपुर सिविल लाइन थाने में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से मृतकों की पहचान की पुष्टि हुई. पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है.
थाना प्रभारी पाटन अनिल कुमार साहू, निरीक्षक प्रमोद कुमार रुसिया, उप निरीक्षक दीनदयाल वर्मा, सउनि मानसिंह सोनवानी, सउनि नरेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक मेघराज चेलक, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, अश्वनी यदु, वीरनारायण, विवेक यादव, अजय ढीमर, राकेश राजपूत, अजय सिंह, अमित यादव, चितरंजन देवांगन समेत अमलेश्वर और एसीसीयू टीम ने संयुक्त रुप से सराहनीय काम किया.
आरोपी
छत्रपाल सिंगौर पिता अजेन्द्र सिंगौर, उम्र 26 साल ग्राम खम्हरिया निवासी
शुभम कुमार सिंगौर पिता विरेन्द्र सिंगौर, उम्र 22 साल
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



