6 घंटे से कुएं के भीतर मोटर पाइप के सहारे लटका रहा तेंदुआ, बाहर निकलते ही लगाई छलांग, जान बचाने तालाब में कूड़े ग्रामीण, गांव में दहशत का माहौल

A leopard remained trapped inside a well by a motor pipe for six hours, then jumped out as soon as it emerged. Villagers threw themselves into a pond to save their lives, creating panic in the village.

6 घंटे से कुएं के भीतर मोटर पाइप के सहारे लटका रहा तेंदुआ, बाहर निकलते ही लगाई छलांग, जान बचाने तालाब में कूड़े ग्रामीण, गांव में दहशत का माहौल

बालोद : बालोद जिले में पानी की तलाश में गांव पहुंचा तेंदुआ अंधेरे में कुएं में गिर गया. तेंदुआ करीब 6 घंटे से कुएं के भीतर मोटर पाइप के सहारे लटका रहा. घटना से गांव में दहशत का माहौल है. खबर मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके के लिए पहुंची. यह मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा का है.
ग्रामीण गोलू यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे जब कुएं का मालिक पानी निकालने पहुंचा. तब उसने कुएं के अंदर तेंदुए को देखा. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी तादाद में ग्रामीण मौके पर जुट गए.
ग्रामीणों ने फौरन इसकी खबर वन विभाग और पुलिस को दी. बताया जा रहा है कि तेंदुआ पानी में भीगने और लंबे समय तक संघर्ष करने के कारण काफी थक गया. वह कुएं के भीतर लगे मोटर पाइप को पकड़कर किसी तरह खुद को संभाले रहा. वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू की तैयारी की. तेंदुआ की जानकारी मिलते ही आस-पास के ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने लगी.
अधिकारियों ने लोगों को कुएं से दूर रहने की अपील की. ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए. वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी में जुटी रही. स्क्यू के लिए जेसीबी मशीन और खाट का सहारा लिया गया. जैसे ही तेंदुए को खाट के जरिए ऊपर लाया गया, उसने अचानक छलांग लगा दी.
तेंदुआ बाहर निकलते ही अचानक गांव की तरफ़ भाग निकला. तेंदुए को सामने देख ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ पड़े. कुछ ग्रामीण डर की वजह से पास के तालाब में भी कूद गए.
घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किए बिना बाहर निकालना भारी लापरवाही साबित हुआ. लोगों का कहना है कि अगर पहले उसे बेहोश किया जाता तो गांव में इस तरह दहशत का माहौल नहीं बनता. तेंदुए के अचानक आबादी वाले इलाके में घुसने से महिलाएं और बच्चे खासे सहमे हुए हैं.
तेंदुए के भागने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम उसके पीछे गांव और आसपास के खेतों की ओर दौड़ी. फिलहाल वन अमला आसपास के जंगलों में तेंदुए की तलाश कर रहा है. एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने और अकेले खेतों की तरफ नहीं जाने की सलाह दी गई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के चलते वन्यजीव लगातार गांवों की तरफ़ रुख कर रहे हैं. पानी और भोजन की तलाश में भटकते जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं. जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं.
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