भारतीय जनता पार्टी को लगा बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने अपने पद से दिया इस्तीफा, BJP नेता बोले- झूठी खबर
Bharatiya Janata Party got a big shock state president Sunil Jakhar resigned from his post BJP leader said fake news
चंडीगढ़ : पंजाब में भाजपा के राज्य अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी नेतृत्व के लिए एक गंभीर झटका देते हुए इस्तीफा दे दिया. यह घटना 15 अक्टूबर को होने वाले पंचायत चुनावों से ठीक पहले हुई है. ऐसे में पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा देना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. जाखड़ ने एक साल पहले ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी. लेकिन अब उन्होंने पार्टी की आंतरिक नीतियों और रणनीतियों से असंतोष जताते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया. भाजपा की तरफ से इसका खंडन किया गया है. इस खबर को अफवाह बताया.
सूत्रों के मुताबिक जाखड़ की नाराजगी की असल वजह बिट्टू को केंद्र में मंत्री बनाए जाने की घटना है. हालांकि अभी तक न तो जाखड़ ने और न ही भाजपा के किसी अन्य नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि उनका इस्तीफा कबुल किया गया है. जाखड़ ने हाल के दिनों में पार्टी की जरुरी बैठकों से दूरी बना रखी है और इस्तीफे के बारे में उन्होंने चुप्पी साधी हुई है. जब एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने उनसे बैठक में भाग लेने के बारे में पूछा तो जाखड़ ने साफ कह दिया कि वह भविष्य में भी किसी बैठक में भाग नहीं लेंगे.
जाखड़ का इस्तीफा भाजपा के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहा है. क्योंकि पार्टी राज्य में नेतृत्वविहीन हो गई है. पार्टी के अंदरुनी सूत्रों का मानना है कि जाखड़ ने जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को खबर किया था कि वह प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने नहीं रहना चाहते हैं. इसके बाद से जाखड़ ने पार्टी की किसी बैठक में भाग नहीं लिया और सदस्यता अभियान में भी सक्रिय नहीं रहे.
सुनील जाखड़ ने 2021 तक चार साल तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था. अबोहर से दो बार विधायक और गुरदासपुर से एक बार सांसद रह चुके हैं. उन्होंने 2019 में गुरदासपुर लोकसभा चुनाव में अभिनेता सनी देओल से हारने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. जिसे कांग्रेस ने स्वीकार कबुल नहीं किया था.
जाखड़ का इस्तीफा और पार्टी के अंदर की खींचतान इस बात का इशारा है कि भाजपा पंजाब में अपनी हालत को ठीक करने के लिए अब नई रणनीतियों पर विचार करने की जरुरत महसूस कर रही है.
हालांकि जाखड़ के निजी सचिव संजीव त्रिखा ने इस्तीफे की बात को खारिज किया है. सुनील जाखड़ के एक्स अकाउंट पर अभी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लिखा हुआ है. हालांकि जिस तरह से सुनील जाखड़ ने बीजेपी की बैठकों और पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाई है. वह बताता है कि कहीं न कहीं आग है. तभी धुआं उठ रहा है.
चंडीगढ़ स्थित एक राजनीतिक विश्लेषक का कहना है, "जाखड़ काफी समय से चुप थे और लोकसभा चुनाव से पहले भी उन्हें भरोसा नहीं था. पंजाब में बीजेपी की छवि किसानों के हितैषी नहीं है. उन्होंने अकाली दल को रोकने का प्रयास किया. वह खुश नहीं थे. क्योंकि उन्हें खुली छूट नहीं दी गई."
पंजाब में जाखड़ का अच्छा राजनीतिक तजुर्बा है. हिंदू और जाट समाज में उनकी अच्छी पकड़ है. सुनील जाखड़ के पास पंजाब की राजनीति में बेहतरीन अनुभव के साथ-साथ गांव और शहर में अच्छी पैठ भी है. हर विधानसभा में उनका अपना एक काडर है.
अक्टूबर में पंचायत चुनाव
नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया आज 27 सितंबर से शुरु हो गई. और चार अक्टूबर नामांकन की आखरी तारीख होगी. मिली जानकारी के मुताबिक 28 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे
नामांकन पत्रों की जांच 5 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की आखरी तारीख 7 अक्टूबर है.
15 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतपत्रों के जरिए मतदान होगा. मतदान पूरा होने के बाद उसी दिन मतदान केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी. सरपंच के 13,237 और पंच के 83,437 पदों के लिए मतदान होगा. कुल 1,33,97,922 पंजीकृत मतदाताओं में 70,51,722 पुरुष और 63,46,008 महिलाएं हैं। कुल 19,110 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा.
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