इम्तियाज जलील के आह्वान पर हजारों समर्थकों का दिखा हुजूम, तिरंगा संविधान रैली में AIMIM का हल्लाबोल, मुंबई की सड़कों पर लगा जाम

Crowd of thousands of supporters seen on the call of Imtiaz Jaleel AIMIMs ruckus in the Tricolor Constitution Rally jam on the streets of Mumbai

इम्तियाज जलील के आह्वान पर हजारों समर्थकों का दिखा हुजूम, तिरंगा संविधान रैली में AIMIM का हल्लाबोल, मुंबई की सड़कों पर लगा जाम

मुंबई : महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले रामगिरी महाराज और बीजेपी नेता नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई की मांग का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. सोमवार को असुदद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम (AIMIM) ने औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) से लेकर मुंबई तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए तिरंगे के साथ संविधान रैली निकाली.
इम्तियाज जलील का इल्जाम है कि महाराष्ट्र में मुसलमानों को मस्जिद में घुसकर मारने की धमकी दी जा रही है. इस्लाम के बारे में गलत बयानबाजी की जा रही है और 60 FIR होने के बावजूद एकनाथ शिंदे की सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. इम्तियाज़ जलील ने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान और क़ानून की हिफ़ाज़त की है और अपने नबी के लिए वो कुर्सी तो क्या अपनी जान भी क़ुर्बान करने को तैयार हैं.
औरंगाबाद के पूर्व सांसद इम्तियाज अली, वारिस पाठन जैसे नेताओं की अगुवाई में निकली यात्रा में बेइंतिहा लाखों की तादाद में भीड़ जुटी. रैली के मुंबई पहुंचने पर काफी इलाकों में जाम की हालत भी बन गई. पिछले 11 सितंबर को इम्तियाज अली ने 23 सितंबर को मुंबई कूच का ऐलान किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि वह मुंबई जाकर महायुति और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संविधान की प्रतियां भेंट करेंगे. एआईएमआईएम के मुंबई चलो कूच में पूरे महाराष्ट्र से पार्टी के नेता और समर्थक गाड़ियां लेकर मुंबई पहुंचे थे.
इम्तियाज जलील की मांग है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अल्यसंख्यकों के खिलाफ अनाश-शनाप बोलने वाले बीजेपी नेता नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई करें. जलील इसके अलावा संत रामगिरी महाराज के खिलाफ भी कार्रवाई चाहते हैं. जलील का आरोप है कि उन्होंने इस्लाम और पैंगबर मुहम्मद के खिलाफ हाल ही में अपमानजनक टिप्पणियां की हैं. महाराष्ट्र में मुसलमानों को निशाना बनाकर बयान देने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे के खिलाफ कई केस दर्ज हो चुके हैं. मुंबई चलो के कूच का जब काफिला जब राजधानी पहुंचा तो सड़कों पर जाम लगा गया था. इसके चलते ट्रैफिक की हालत बिगड़ गई थी. इस कूच में उन्होंने गाड़ियों में तिरंगे झंड़े लगाए हुए थे.
असुदद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जहां राम गिरी महाराज और राणे के खिलाफ पहले से मोर्चा खोले हुए हैं. तो वहीं दूसरी तरफ अभी हाल ही में नितेश राणे ने शुक्रवार को संगोली में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ज्यादा नहीं सिर्फ 24 घंटे के लिए पुलिसकर्मियों को छुट्टी दे दी जाए. इसके बाद हम (हिंदू) अपनी ताकत दिखा देंगे. हम उन्हें यह एहसास दिला देंगे कि हममें कितना दम है.
नितेश राणे के इस बयान पर अब ऑल-इंडिया-मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने पलटवार किया था. इसके बाद मामला काफी गर्मा गया था. पठान ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र सरकार भड़काऊ भाषण के बाद भी कार्रवाई नहीं करना चाहती है. उन्होंने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं.
रामगिरी और नितेश राणे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर निकाले गए मुंबई चलो मार्च के अंतिम पड़ाव पर पहुंचने के बा वारिस पठान ने एक वीडियो साझा किया. और लिखा कि सरों के समुंदर का सैलाब उमड़ आया. आज मुंबई में अपने हुज़ूर मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लाल्लाहो अलय हे वसल्लम की मोहब्बत में. पठान के साथ इस दौरान औरंगाबाद के पूर्व सांसद इम्तियाज अली भी मौजूद रहे.
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