हेलीकॉप्टर भी नहीं आया काम तब बुलडोजर लेकर घुसे सुभान खान, किसी का आशियाना तोड़ने नहीं बल्कि अपनी मौत की परवाह किए बिना 9 लोगों की बचाई जान

Even the helicopter did not work then Subhan Khan entered with a bulldozer not to break anyones house but saved the lives of 9 people without worrying about his own death

हेलीकॉप्टर भी नहीं आया काम तब बुलडोजर लेकर घुसे सुभान खान, किसी का आशियाना तोड़ने नहीं बल्कि अपनी मौत की परवाह किए बिना 9 लोगों की बचाई जान

खम्मम (तेलंगाना) : हाल के सालों में बुलडोजर चर्चा में रहा है. बुलडोजर का नाम आते ही एक अलग छवि बन जाती है. इससे इतर खम्मम में बाढ़ की वजह से डूबे पुल पर फंसे नौ लोगों को बुलडोजर ड्राइवर सुभान खान ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए उन्हें बचा लिया.
हरियाणा के मेवात जिले के बुलडोजर (जेसीबी) चालक सुभान खान को असली हीरो के तौर पर सराहा जा रहा है. सुभान ने तेलंगाना के खम्मम में बाढ़ के दौरान मुन्नेरु नदी पर बने प्रकाशनगर पुल पर फंसे नौ लोगों को बहादुरी से बचाया. सुभान पिछले सात साल से प्रकाशनगर में रहकर जेसीबी ड्राइवर का काम कर रहा है.
रविवार को जब मुन्नेरु नदी में पानी भर गया और पुल पर कई लोग फंस गए. दोनों ओर पानी बढ़ने की वजह से फंसे हुए लोगों के लिए निकलने का कोई रास्ता नहीं था.
हालांकि अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया था. लेकिन हालत उस समय और ज्यादा ख़राब हो गई जब पता चला कि नावें उपलब्ध नहीं हैं. साथ ही हेलीकॉप्टर लाने के प्रयास भी विफल हो गए. वहीं अंधेरा होने के साथ ही खतरा भी बढ़ रहा था. लेकिन बाढ़ में फंसे व्यक्तियों तक भोजन और पानी पहुंचाया गया. लेकिन खतरा बरकरार था.
इसी बीच रात करीब 10 बजे वेंकटरमन जेसीबी के मालिक ने अपने बुलडोजर (जेसीबी) चलाने वाले सुभान से संपर्क किया और पूछा कि क्या वह पीड़ितों को बचा सकते हैं.
खतरे के बावजूद, सुभान ने ख़ुशी से मंजूरी दे दी. पानी का लेवल बढ़ने की वजह से सुभान को दो बार वापस लौटना पड़ा. लेकिन रात करीब 11:15 बजे जब पानी का लेवल थोड़ा कम हुआ तो सुभान ने फिर से कोशिश की. इस दौरान बुलडोजर का पूरा इंजन पानी में डूब गया था. तब भी वह पुरे हौसले के साथ अपनी जान को जोखिल में डालकर पुल के ऊपर पहुंचे और फंसे हुए नौ लोगों को उठाया और उन्हें सुरक्षित वापस ले आए.
खम्मम के लोग बेइंतेहा खतरे का सामना करते हुए सुभान की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं और उसके द्वारा नौ लोगों को कामयाबी के साथ बचाकर लाने को साहस का असाधारण कार्य बता रहे हैं.
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अगर मैं मर भी गया...
सुभान ने जवाब दिया कि अगर मैं मर भी गया. तो एक जान जाएगी. लेकिन अगर मैं वापस आ गया. तो मैं नौ लोगों को बचा लूंगा. सुभान ने बुलडोजर में ड्राइवर की सीट संभाली और पुल के लिए रवाना हो गए. वह फंसे हुए नौ लोगों को लेकर सहीं सलामत वापस लौटे. जैसे ही बुलडोजर वापस आया. सुभान खान और बचाए गए लोगों का जोरदार जयकारों के साथ स्वागत किया गया.
सुभान खान की बेटी क्या बोली?
वीडियो में एक आवाज, जो जाहिर तौर पर सुभान खान की बेटी की है. कहती है कि मैं कांप रही हूं. मेरे पिताजी. उन्होंने वो कर दिखाया जो उन्होंने ठान लिया था. इस साहसिक बचाव ने सुभान खान को रातोंरात हीरो बना दिया है. लोग इस हीरो की बहादुरी और दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के साहस की तारीफ़ कर रहे हैं.
बधाईयों का लगा तांता
उनके इस कारनामे के लिए फोन पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. इनमें शीर्ष विपक्षी नेता और पूर्व मंत्री केटी रामाराव भी शामिल हैं. जिन्हें केटीआर के रूप में जाना जाता है.
X पर एक पोस्ट में BRS नेता ने कहा कि उन्होंने सुभान खान को फोन पर बधाई दी है. केटीआर ने लिखा कि अभी-अभी उनसे फ़ोन पर बात कर बधाई दी. यह सिर्फ हिम्मत की बात नहीं है. एक सच्चे हीरो बनने के लिए दिल की जरुरत होती है. मेरे भाई सुभान खान, आपने इन नौ लोगों की मदद कर कई परिवारों को जिंदगी भर के दर्द से बचाया है.
केटीआर ने क्या कहा?
केटीआर ने आगे कहा कि जब सरकार खुद सोच रही थी कि कैसे एक हेलीकॉप्टर भेजकर लोगों को बचाया जाए. आप खतरे में कूद पड़े और उन सभी को बचा लिया. आपके बड़े दिल और अद्भुत धैर्य को सलाम! हैदराबाद वापस आने पर आपसे जरुर मिलूंगा. दिल की गहराइयों से धन्यवाद.
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