पूर्व मंत्री समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज, नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ो की ठगी का लगा आरोप, मोहम्मद अकबर ने उठाया सवाल
FIR registered against 4 people including former minister accused of cheating of crores in the name of job placement Mohammad Akbar raised questions
बालोद : बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम घोटिया में शिक्षक देवेंद्र ठाकुर ने घर पर फांसी लगाकर खुदकुशी की थी. मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने पूर्व मंत्री समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया. इस खुदकुशी के पीछे नौकरी लगाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया.
पुलिस ने सुसाइड नोट में लिखे मदार खान उर्फ सलीम खान, हरेंद्र नेताम, प्रदीप ठाकुर और पूर्व मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया. पुलिस के मुताबिक आरोपी मदार खान उर्फ सलीम खान ने पूर्व मंत्री का भांजा बनकर लोगों से ठगी की है. डौंडी थाना पहुंचे पीड़ितों ने बताया कि 75 लोगों से तीन करोड़ 70 लाख रुपए की ठगी की गई है. पीड़ितों ने सबूत के तौर पर आरोपी हरेंद्र नेताम द्वारा तैयार करवाए गए नोटराइज्ड सौ रुपए के स्टांप पेपर को भी थाने में पेश किया.
इस ठगी के मामले में डौंडी पुलिस ने चंदर सिंह की रिपोर्ट पर मदार खान उर्फ सलीम खान, हरेंद्र नेताम और प्रदीप ठाकुर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 34 के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया.
इस मामले में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने खुद के खिलाफ दर्ज एफआईआर को एक साजिश बताया है. उन्होंने कहा है कि नौकरी लगाने के नाम पर पैसा लेने के आरोपी शिक्षक की खुदकुशी के मामले में मृतक को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में उन (अकबर) पर एफआईआर दर्ज करना साजिश है. उन्होंने इस बारे में दस्तावेज जारी कर मामले का खुलासा किया है.
14 अगस्त को शिक्षक देवेन्द्र कुमार कुमेटी ने थाना प्रभारी डौंडी को आवेदन दिया था. जिसमें लोगों से पैसा लेना कबूल करते हुए उनके (कुमेटी के) साथ शामिल लोगों के नाम बताये गए हैं. मोहम्मद अकबर ने बताया कि कुमेटी के द्वारा दिया गया आवेदन को सरकार छिपा रही है.
एक बयान में पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि 6 लोगों धरम देव, संतोष कुमार, कु. डिंपल पिता चंदन सिंह, नंदु निषाद पिता छिकलूराम, लक्ष्मी कुवाची पति मुनेश कुमार, मनोहर लाल पिता पुनाराम, योगेश कुमार केवल सिंह, ने थाना प्रभारी डौंडी को एक आवेदन देकर शिकायत की थी कि शिक्षक देवेन्द्र कुमार कुमेटी ने उन लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर 9 जुलाई 2022 को पैसा लिया है, नौकरी के पूर्व साक्षात्कार के नाम पर उन लोगों को होटल नटराज रायपुर में बुलाया गया था, यहां पर फिजिकल जांच के समय हरेन्द्र नेताम एवं मदार खान उर्फ सलीम खान मौजूद रहे.
इसके बाद देवेन्द्र कुमार कुमेटी ने 14 अगस्त 2024 को थाना प्रभारी डौंडी को एक आवेदन देकर बताया है कि उसने नौकरी लगाने के नाम पर ली गई रकम गरियाबंद निवासी मदार खान उर्फ सलीम खान को दिया है. साथ ही उसने यानि देवेन्द्र कुमार कुमेटी ने लोगों से ली गई रकम वापस नहीं मिलने पर खुद यानि देवेन्द्र कुमार कुमेटी और हरेन्द्र कुमार नेताम एवं मदार खान उर्फ सलीम खान पर कार्रवाई किये जाने की मांग भी आवेदन में की.
इसके बाद देवेन्द्र कुमार कुमेटी के खुदकुशी के बाद मृतक के द्वारा लिखे गए कथित पत्र के आधार पर अपने खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज किए जाने पर पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया है.
मोहम्मद अकबर ने कहा है कि जिन 6 लोगों ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लिए जाने की शिकायत थाना प्रभारी डौंडी को लिखित में की थी. उस शिकायत में उनका (अकबर) का नाम नहीं है. 14 अगस्त को जो आवेदन शिक्षक देवेन्द्र कुमार कुमेटी ने खुद थाना प्रभारी डौंडी को दिया है. उसमें पैसा लेने का जिम्मेदार खुद (देवेन्द्र कुमार कुमेटी), हरेन्द्र कुमार नेता और मदार खान उर्फ सलीम खान को बताया है. अचानक पुलिस ने इस पूरे मामले में उनका (अकबर का) नाम कहां से ला दिया। जिस पत्र को खुदकुशी करने वाले देवेन्द्र कुमार कुमेटी का लिखा पत्र बताया जा रहा है. उस पत्र की जांच तक नहीं की गई. इससे साफ-साफ साजिश दिख रही है.
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने साजिश का खुलासा करते हुए कहा है कि मदार खान उर्फ सलीम खान को उनका भांजा बताया जा रहा है. जबकि उनका कोई भांजा ही नहीं है. अकबर ने कहा कि उनकी कोई बहन ही नहीं है. तो भांजा कहां से आ गया. ये बताता है कि साजिश की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई है.
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