एकीकृत किसान पोर्टल पर धान विक्रय के लिए पंजीयन की अवधि में हुई वृद्धि, पीएम आवास योजना के लिए 25 राज्यों का केंद्र के साथ समझौता

Increase in registration period for paddy sale on Integrated Farmers Portal 25 states sign agreement with Center for PM Awas Yojana

एकीकृत किसान पोर्टल पर धान विक्रय के लिए पंजीयन की अवधि में हुई वृद्धि, पीएम आवास योजना के लिए 25 राज्यों का केंद्र के साथ समझौता

एकीकृत किसान पोर्टल पर धान विक्रय के लिए पंजीयन की अवधि में हुई वृद्धि

गरियाबंद : धान विक्रय के लिए शासन द्वारा पंजीयन की अवधि 31 अक्टूबर तक नियत किया गया था. इस अवधि में जिले के 91 हजार 84 कृषकों का समिति स्तर से विपणन वर्ष 2024-25 के लिए कैरीफारवर्ड, पंजीयन किया गया है. लेकिन इस अवधि में कुछ राजस्व ग्राम वनअधिकार पट्टा, वनग्राम एवं असर्वेक्षित ग्राम के किसानों का समिति स्तर से समय-सीमा में कैरीफारवर्ड, पंजीयन की कार्यवाही नहीं होने की वजह से धान विक्रय से वंचित हो रहे थे.
शासन द्वारा अतिरिक्त समय देते हुए कैरीफारवर्ड, पंजीयन की अवधि को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है. ऐसे राजस्व ग्राम वन अधिकार पट्टा, वनग्राम एवं असर्वेक्षित ग्राम के किसानों से अपील की गई है कि जिन्होनें अभी तक अपना कैरीफारवर्ड, पंजीयन नही करा पाए हैं. उनका पंजीयन के लिए एकीकृत किसान पोर्टल के तहसील आई.डी. पर प्रावधान किया गया है. वे सभी किसान 25 नवम्बर 2024 तक अपने तहसील कार्यालय से सम्पर्क कर जरुरी दस्तावेज जैसे- वनपट्टा, आधार, बैंक पासबुक आदि के साथ हाजिर होकर पंजीयन करवा सकते हैं.
साथ ही शासन द्वारा ऐसे किसान जो डुबान क्षेत्र, संस्थगत, रेगहा, बटाईदार, लीज के तहत पंजीयन करवाकर धान बेचते हैं. वे भी पंजीयन कराने के लिए 25 नवम्बर 2024 तक अपने तहसील कार्यालय में जरुरी दस्तावेजो के साथ हाजिर होकर पंजीयन करवाकर समर्थन मूल्य पर धान बेच सकते हैं.
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पीएम आवास योजना के लिए 25 राज्यों का केंद्र के साथ समझौता

नई दिल्ली/सूत्र : शहरी क्षेत्रों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार के साथ सहमति पत्र पर कई राज्यों ने दस्तखत कर दिए हैं. इसके पहले सरकार 147 बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी इससे जोड़ चुकी है. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन के तौर-तरीकों को साफ़ करने के लिए अब तक दो राष्ट्रीय कार्यशालाएं आयोजित की है. जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
अलावा राज्यों से यह अपेक्षा की गई है कि वे अनिवार्य रुप से किफायती आवासों के लिए एक नीति बनाएं. शहरी भारत के एक करोड़ लोगों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लिए पीएम आवास योजना 2.0 का शुरुआत की गई है. यह घर अगले पांच साल में बनने हैं और इन पर करीब दस लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे.
दिसंबर से लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया की शुरुआत होगी. इसके लिए राज्यों को अपने-अपने स्तर पर मानक तय करना है और इसी के अनुरुप वे अपनी मांग सामने रखेंगे. कामकाजी महिलाओं और औद्योगिक श्रमिकों को पर्याप्त किफायती किराये के आवास उपलब्ध कराने के लिए पहली बार एक आवास योजना में अलग वर्टिकल के रुप में पेश किया गया है.
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छत्तीसगढ़ में अब ई-नीलामी के जरिए होगी इमारती लकड़ी, बांस और बल्ली की नीलामी

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग ई-ऑक्शन के जरिए ईमारती काष्ठ, बांस, बल्ली और जलाऊ लकड़ी के नीलामी का सिस्टम को जल्द लागू किया जाएगा. वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 301वीं बैठक में लिया गया. यह बैठक गुरुवार नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में हुई.
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लकड़ियों की ई-ऑक्शन से राजस्व में करीब 15% की बढ़ोत्तरी की उम्मीद है. ई-ऑक्शन प्रणाली लागू होने से ईमारती लकड़ी, बांस, बल्ली एवं जलाऊ का ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से संबंधित डिपो में नीलामी की निर्धारित तिथि पर कहीं से भी खरीदना संभव होगा.
न्यूनतम समर्थन मूल्य दर पर संग्रहित किये जा रहे 67 लघु वनोपज के अतिरिक्त और भी प्रजातियों के लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदी करने एवं लघु वनोपज का बाजार मूल्य का आंकलन करते हुए आवश्यकतानुसार समर्थन मूल्य में वृद्धि कर, विक्रय करने के निर्देश दिए. दंतेवाड़ा जिले में लघु वनोपज भंडारण के लिए निर्मित कोल्ड स्टोरेज के उन्नयन एवं नवीनीकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिया गया.
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सीएम साय ने देखी ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय और फिल्म के डायरेक्टर एकता कपूर और फिल्म की नायिका रिद्धि डोगरा के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने राजधानी के मैग्नेटो मॉल पहुंचे. इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की को दिखाने की कोशिश की गई है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है. यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री  साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी उनके साथ फिल्म देखने पहुंचे थे.
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