धान खरीदी में लापरवाही करना पड़ा बड़ा महंगा, शिवकुमार और ऋषिकांत को सेवा से किया बर्खास्त, आदेश जारी, मचा हड़कंप
Negligence in paddy procurement proved costly; Shivkumar and Rishikant were dismissed from service, an order issued, causing an uproar.
गरियाबंद : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिये शासन के निर्देशानुसार 15 नवंबर से धान खरीदी शुरु हो चुकी है. इस महत्वपूर्ण काम में लापरवाही बरतने पर जिले की दो समितियों के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है.
सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त के मुताबिक धवलपुर समिति के डाटा एंट्री ऑपरेटर ऋषिकांत मोहरे धान खरीदी जैसे अनिवार्य काम के दौरान हड़ताल पर चले गये थे. हड़ताल खत्म कर कार्यस्थल पर लौटने के लिये कई मौके दिये जाने के बावजूद वे हाजिर नहीं हुए. इस पर प्राधिकृत अधिकारी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित धवलपुर (पंजीयन क्रमांक 1660) द्वारा उनकी सेवा खत्म कर दी गई है.
इसी तरह, मुड़गेलमाल समिति (पंजीयन क्रमांक 55) के प्रभारी प्रबंधक शिवकुमार सिन्हा को भी सेवा नियमों के उल्लंघन के चलते प्राधिकृत अधिकारी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है. दोनों मामलों में विभाग ने साफ किया कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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