छग में लगातार हो रहे दुष्कर्म व गैंगरेप के विरोध में प्रदेश महिला कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च, आज प्रदेश भर में होगा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
State Mahila Congress took out a candle march in protest against the continuous rape and gang rape in Chhattisgarh today there will be a protest against the government across the state
छग में हो रहे दुष्कर्म, गैंगरेप के विरोध में प्रदेश महिला कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च
रायपुर : प्रदेश में महिलाओं के साथ लगातार हो रहे जुर्म के खिलाफ अब खुद महिलाओं को एकजुट होना पड़ेगा. महिलाओं की एकजुटता का संदेश देने के मकसद से छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस द्वारा शाम 7 बजे तेलीबांधा तालाब मरीन ड्राइव, रायपुर में कैंडल मार्च किया गया.
महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व के दिन हमारी एक आदिवासी बहन के साथ रायगढ़ में सामूहिक बलात्कार जैसा जघन्य अपराध हुआ. 3 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस सभी बलात्कारियों को पकड़ने में नाकाम रही है. इसी बीच भानुप्रतापपुर से भी एक सामूहिक बलात्कार की खबर आ रही है.
कैंडल मार्च के जरिए प्रदेश की महिलाएँँ प्रदेश की बहरी सरकार को यह बताना चाहती हैंं कि वह डरने वाली नहीं है. साथ ही प्रदेश सरकार से मांग करती है कि प्रदेश में सभी रेप की घटनाओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए.
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रायपुर जेल में देवेंद्र यादव से मिलने पहुंचे सचिन पायलट
रायपुर : कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. इस दौरान वे रायपुर जेल में बंद विधायक देवेंद्र यादव से मुलाकात की. छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस अग्रेसिव मोड पर है.
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट प्रदेश के दौरे पर आए. पायलट दोपहर लगभग 1 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचें. 3 बजे सचिन पायलट रायपुर जेल देवेंद्र यादव से मिलने गए. पायलट के अलावा पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत, कांग्रेस के प्रभारी सचिव विजय जांगिड़ भी मौजूद रहे. इससे पहले 20 अगस्त को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के साथ विधायक दल के नेता देवेंद्र यादव से मुलाकात करने जेल पहुंचे थे.
सचिन पायलट शाम लगभग 4 बजे राजीव भवन पहुंचें. वहां कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक ली. बैठक में आने वाले दिनों में कांग्रेस के होने वाले आंदोलन को लेकर चर्चा की गई. देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर पार्टी के आंदोलन को लेकर भी बैठक में बातचीत की.
छत्तीसगढ़ कांग्रेस आज 24 अगस्त को देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदेशभर में छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है. प्रदर्शन में पायलट भी शामिल हो सकते हैं. इससे पहले पायलट विधानसभा घेराव में भी शामिल हुए थे. कांग्रेस पार्टी देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के मुद्दे को पूरी तरह से भुनाने की तैयारी में है. 24 अगस्त के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस जल्द ही आगे क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन की प्लानिंग कर रही है.
बस्तर संभाग मुख्यालय राजीव कांग्रेस भवन में शुक्रवार को प्रेसवार्ता का आयोजन कर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने बलौदा बाजार में हुए हिंसक घटना मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है.
उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव बलौदाबाजार में न भाषण दिया था और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुए थे. वे भीड़ में पांच मिनिट रुक कर वापस आ गए थे. कही भी किसी हिंसक घटना में उनके संलिप्तता का कोई भी सबुत नहीं और न ही वे किसी भी तरह की घटना में शामिल थे. पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है.
विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि सरकार और पुलिस बताए कि किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया. पूछताछ की गई. न्याय संगत कार्यवाही होनी चाहिए. बघेल ने कहा इस पूरी घटना के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है. लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है. साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी है. अगर समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्यवाही की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती.
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धौंराभांठा : विकासखंड पुसौर में हुई गैगरेप जैसे घिनौनी घटना पर लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आड़े हाथ लिया कहा कि रायगढ़ समेत प्रदेश में महिला अपने आपको असुरिक्षत महसूस कर रही है. विष्णु साय की सरकार में कानून व्यवस्था ठप है. ऐसे में इंसाफ मिलना अब यहां असंभव हो गया है.
विद्यावती सिदार जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में आई थी. बलौदाबाजार हिंसा, पुसौर सामूहिक दुष्कर्म के प्रति विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार सुबह प्रेसवार्ता का आयोजन किया था. जिसके बाद मौन जुलूस निकाला.
इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए लैलूंगा विधायक ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक के बाद एक कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पुसौर सामूहिक दुष्कर्म से मानवता शर्मसार हुई है. जिले की बेटियां इस घटना से डर गई हैं. इससे पहले रायगढ़ जिले में ऐसी घटनाएं कभी नहीं होती थी. लेकिन अपने आप को आदिवासी कहने वाले मुख्यमंत्री की साय सरकार जो कुछ ना कर दे आपराधिक घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है. महिलाओं से जुड़े जुर्म तो सबसे ज्यादा हो रहे हैं.
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ औऱ महतारी के वंदन की बात करने वाली साय सरकार में महतारी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हो रहा है औऱ अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही है. पुसौर की पीड़िता एक बच्चे की मां है. पुलिस भी इस मामले में लीपापोती कर रही है. पीड़िता ने करीब 14 के करीब आरोपी बताए हैं. लेकिन पुलिस कई दिन बीत जाने के बाद भी सिर्फ 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कैसा इंसाफ़ और कैसी पुलिस व्यवस्था अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. ऐसा प्रतीत होने लगा है कि प्रदेश मे मातृशक्ति सुरक्षित नहीं हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि आज मौन जुलुस में आईं कई बच्चियां सहमी औऱ डरी हुईं हैं लेकिन पुसौर कांड से आक्रोशित हैं. बिना कुछ कहे सब कह रही हैं. क्या हम इन्हें ऐसा रायगढ़ सौपेंगे.
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बलौदाबाजार कांड में चुनौती देता हूं देवेंद्र के खिलाफ सबूत है तो बताएं भाजपा -उमेश
रायगढ़ : खरसिया विधायक और प्रदेश के पूर्व मंत्री उमेश पटेल की आक्रामक शैली ने रायगढ़ जिले में हलचल मचा दी है. पिछले आठ महीनों से विपक्ष की भूमिका में सक्रिय उमेश पटेल की जनसंवेदना प्रयासों ने उन्हें जिले का केंद्र बिंदु बना दिया है. वे लगातार भाजपा सरकार की गलत नीतियों और लचर कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं. जिसका असर जिले की राजनीति पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है. उनके इस आक्रामक रुख ने न सिर्फ कांग्रेस पार्टी को एकजुट किया है. बल्कि भाजपा को बैकफुट पर ला खड़ा किया है.
शुक्रवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उमेश पटेल ने बलौदाबाजार में हुई हिंसा, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और रायगढ़ में एक आदिवासी महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है.
बलौदाबाजार हिंसा के बाद भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी और कांग्रेस नेताओं को इस हिंसा कांड में घसीटने को लेकर उमेश पटेल ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है.
पटेल ने आरोप लगाया कि देवेंद्र यादव पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि देवेंद्र यादव ने न तो बलौदाबाजार में किसी भाषण में हिस्सा लिया और न ही कलेक्टर कार्यालय के प्रदर्शन में शामिल हुए. वे कुछ मिनटों के लिए वहां रुके थे और फिर चले गए थे.
पटेल ने भाजपा सरकार को चुनौती दी कि अगर उनके पास देवेंद्र यादव के खिलाफ ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए. उन्होंने कहा “अगर आप हमें सबूत दिखाने में संकोच कर रहे हैं तो इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों के सामने पेश करें
पटेल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि भाजपा से जुड़े सनम जांगड़े ने रैली और प्रदर्शन की अनुमति ली थी. लेकिन उन पर क्या कार्रवाई की गई? कितने भाजपा नेताओं को नोटिस जारी किया गया और उनसे पूछताछ की गई? रैली के लिए व्यवस्था किसने की और हिंसक भीड़ को नियंत्रित क्यों नहीं किया गया? हिंसा के दिन नागपुर से आए 250 लोग कौन थे और उनकी हिंसा में क्या भूमिका थी. इसकी जांच हुई या नहीं?
पटेल ने कहा कि पुलिस एक मृतक को गिरफ्तार करने पहुंची थी. यह स्थिति और अधिक विचित्र है. कुछ असमाजिक तत्वों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय को आग के हवाले कर दिया. लेकिन पुलिस इस पर तस्दीक नहीं कर रही है.
उन्होंने पूछा कि पुलिस लिस्ट के अनुसार चुन-चुनकर कांग्रेस, युवा कांग्रेस या एनएसयूआई के लोगों को क्यों पकड़ रही है और यह लिस्ट किसने तैयार की है.
पटेल ने कहा कि साय सरकार अपनी नाकामी और बदनामी को छुपाने के लिए कांग्रेस नेताओं पर दुर्भावनावश कार्रवाई कर रही है. जबकि बलवा करने वाले असल अपराधियों को छोड़ा गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने कार्यकर्ताओं को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव डाल रही है. जिससे कार्रवाई न्यायसंगत नहीं हो रही.
पटेल ने बलौदा बाजार हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने साय सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने और पुलिस प्रशासन को पंगु बनाकर कार्यकर्ता की तरह उपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है.
रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र में आदिवासी महिला के साथ हुए गैंगरेप की उमेश पटेल ने कड़ी निंदा की और इस घटना को रायगढ़ के इतिहास की सबसे बड़ी घटना करार दिया. पटेल ने भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार के मुताबिक 12 से 14 आरोपी इस घिनौनी घटना में शामिल थे. लेकिन पुलिस अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है.
पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस को अपनी कठपुतली बना रही है. जिससे कानून व्यवस्था चरमरा गई है और स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना फैल रही है.
उन्होंने कहा कि पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके. पटेल ने इस घटना के एक गवाह को धमकाए जाने और थाने जाने पर परेशान किए जाने की बात भी उठाई. और मांग की कि पुलिस गवाह को सुरक्षा प्रदान करे.
पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस की बूट की धमक खत्म हो चुकी है. जिससे अपराधियों में कोई डर नहीं रहा और दिनदहाड़े अपराध बढ़ रहे हैं. उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि रायगढ़ में एक पत्रकार, कांग्रेस नेता और भाजपा पार्षद के साथ मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? क्या इसलिए कि वे भाजपा से जुड़े हैं?
पटेल ने साय सरकार पर नाकामी का रिकॉर्ड बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार रायगढ़ जैसे शांत क्षेत्र में भी अपराध की घटनाओं को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है.
उमेश पटेल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी भाजपा के किसी भी दमनकारी नीति से पीछे नहीं हटेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी.
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प्रेस वार्ता के दौरान लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार ने पुसौर गैंगरेप की कड़ी निंदा करते हुए कहा पुसौर सामूहिक दुष्कर्म से मानवता शर्मसार हुई है. जिले की बेटियां इस घटना से डर गई हैं. हमारे रायगढ़ में ऐसी घटनाएं कभी नहीं होती थी. लेकिन जबसे साय सरकार आई है. तब से आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. महिलाओं से जुड़े अपराध तो सबसे ज्यादा हो रहे हैं.
उन्होंने घटना की जांच के लिए टीम गठित की जाने की जानकारी दी. इस टीम में उनके अलावा चार अन्य महिला विधायक और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शामिल हैं.
सिदार ने कहा, “भाजपा निजता की बात कर रही है. लेकिन यह उनकी अकर्मण्यता को छिपाने का प्रयास है. सच्चाई सिर्फ पीड़िता और उसके परिजनों से मिलकर ही सामने आएगी.
उन्होंने बताया कि उनका प्रतिनिधिमंडल लगातार पीड़िता के परिवार के संपर्क में है और 25 अगस्त को ग्रामीणों से इस मामले के सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे. कांग्रेस की इस जांच टीम का उद्देश्य न केवल पुसौर गैंगरेप के मामले में न्याय सुनिश्चित करना है. बल्कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी कड़ी निगरानी रखना है.
विद्यावती ने कहा कि इस जांच टीम की रिपोर्ट जल्द ही प्रदेश कांग्रेस को सौंप दी जाएगी. जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है.
प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस ने उमेश पटेल के नेतृत्व में राज्य में लचर कानून व्यवस्था और पुसौर सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में जिला कांग्रेस कार्यालय से गांधी प्रतिमा तक काली पट्टी लगाकर मौन रैली निकाली. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में ‘महिलाओं पर बढ़ रहा अत्याचार, सो रही भाजपा सरकार’ जैसे नारों वाले बैनर थामे थे. मौन जुलुस में आई कई बच्चियां हाथों में बैनर थामें आक्रोशित नजर आई.
प्रेसवार्ता में उमेश पटेल के साथ विद्यावती सिदार, प्रकाश नायक, अनिल शुक्ला, संजय देवांगन, दीपक पाण्डेय, विकास शर्मा, शाखा यादव, राकेश पाण्डेय, रवि पाण्डेय, किरण पंडा, नारायण घोरे, कुंज बिहारी सिदार, आशीष शर्मा, मुकेश पटेल के अलावा अन्य कई नेता, महिला नेत्री और कार्यकर्तागण मौजूद रहे.
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