पुलिस भर्ती घोटाले की CBI जांच हो -पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में बढ़ता भ्रष्टाचार: सवालों के घेरे में विधायक और प्रशासन -हेमंत
There should be a CBI inquiry into the police recruitment scam - former Chief Minister Bhupesh Baghel, Increasing corruption in Dr. Raman Singh's area: MLA and administration under question - Hemant
पुलिस भर्ती घोटाले की CBI जांच हो -भूपेश बघेल
राजनांदगांव : राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बघेरा में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए और कई विकास कार्य का लोकार्पण और भूमि पूजन किया. इस दौरान उन्होंने गुरु घासीदास जयंती पखवाड़ा को लेकर समाज के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दी.
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी, भर्ती घोटाला सहित अन्य मामलों को लेकर प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार को घेरते हुए सरकार पर कई आरोप लगाए.
भूपेश बघेल ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर लोग सशांकित है. समय बीत गया है. लेकिन अभी तक चुनाव के तारीखों की घोषणा नहीं हुई है. वहीं उन्होंने भर्ती घोटाले को लेकर कहा कि इस मामले में एक सिपाही ने खुदकुशी की और जो हाथ पर उसने लिखा है बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन और हमने भी इस मामले में सीबीआई जांच करने की मांग की है.
भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में हो रही है सभी भर्ती में गड़बड़ियां है. जितनी भी भर्ती हो रही है. सब जांच के दायरे में है. राजनांदगांव आरक्षक भर्ती में जिस तरह नंबर देने में गड़बड़ी और नंबर बढ़ाने को लेकर घोटाला हुआ. इसमें कई दोषी हैं. जहां-जहां भी भर्ती हो रही सभी की जांच होनी चाहिए.
मंच से संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने धान खरीदी के मामले को लेकर भी प्रदेश की सरकार को घेरा. उन्होंने बारदाना समेत खरीदी में अव्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा.
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डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में बढ़ता भ्रष्टाचार: सवालों के घेरे में विधायक और प्रशासन
राजनांदगांव : राजनांदगांव के पूर्व पार्षद और जनहित की आवाज उठाने वाले हेमंत ओस्तवाल ने एक खुला पत्र जारी कर डॉ. रमन सिंह और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है। पत्र में उन्होंने राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर चुप्पी साधने के आरोप लगाए हैं.
ओस्तवाल का कहना है कि डबल इंजन की सरकार के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारी भाजपा सरकार की छवि को खराब करने में जुटे हुए हैं. इस स्थिति ने भाजपा की कार्यशैली और डॉ. रमन सिंह की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
भ्रष्टाचार के गंभीर मुद्दे
हेमंत ओस्तवाल ने राजनांदगांव में चल रहे भ्रष्टाचार के 9 प्रमुख मामलों की तरफ ध्यान आकर्षित किया है. जो प्रशासनिक लापरवाही और भाजपा नेतृत्व की निष्क्रियता को उजागर करते हैं.डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में बढ़ता भ्रष्टाचार
16 करोड़ के बुढ़ासागर घोटाला:
बुढ़ासागर परियोजना में 16 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के बावजूद इस मामले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
5 करोड़ की अवैध खनन वसूली:
जिला खनिज विभाग में अवैध खनन और 5 करोड़ रुपये की वसूली के मामले को दबाया जा रहा है.
अवैध कॉलोनाइजरों को संरक्षण:
नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा में भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों का खुला उल्लंघन किया गया.
पुलिस भर्ती में अनियमितता:
जिला पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार और शासन के नियमों के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन इसे भी नजरअंदाज कर दिया गया.
फर्जी हाजिरी और सरकारी रकम की हेराफेरी:
एसएलआरएम सेंटर में फर्जी हाजिरी के जरिए लाखों रुपये के सरकारी धन का गबन हुआ.
सड़क डामरीकरण घोटाला:
सड़क निर्माण और डामरीकरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं.
निगम की दुकानों में 59 लाख का घोटाला:
निगम की दुकानों की आय में 59 लाख रुपये का घोटाला हुआ. लेकिन दोषियों को बचाया जा रहा है.
210 करोड़ की अमृत मिशन योजना घोटाला:
इस योजना के तहत भारी भ्रष्टाचार सामने आया है.
भू-माफियाओं को अनुचित लाभ:
भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों ने भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखा.
ओस्तवाल ने डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार पर कोई जनहित कार्रवाई नहीं की. इससे यह साफ़ होता है कि भाजपा के नेता खुद भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि डबल इंजन की सरकार से जनता को उम्मीद थी कि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी. लेकिन अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत ने इन उम्मीदों को पूरी तरह से तोड़ दिया है.
ओस्तवाल ने यह भी कहा कि इस तरह की अनदेखी और भ्रष्टाचार की घटनाएं आने वाले नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. उन्होंने जनता से अपील किया कि इस भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ सही कदम उठाएं.
डॉ. रमन सिंह के राजनांदगांव क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर चुप्पी उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल कर रही है. हेमंत ओस्तवाल द्वारा उठाए गए ये मुद्दे भाजपा की ईमानदार और पारदर्शी शासन के दावों पर सवाल खड़े करते हैं.
आम जनता अब इन मुद्दों पर जागरूक हो रही है. और यह साफ़ है कि भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करना भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है.
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