जंगल की ढाई सौ एकड़ जमीन कर दी भू माफियाओं के नाम, उसी भूमि पर उठा लिए करोड़ो का लोन, पटवारी लोकेश्वर सस्पेंड, 11 के खिलाफ जुर्म दर्ज

Two hundred and fifty acres of forest land was transferred to the name of land mafia, loan worth crores was taken on the same land, Patwari Lokeshwar suspended, crime registered against 11

जंगल की ढाई सौ एकड़ जमीन कर दी भू माफियाओं के नाम, उसी भूमि पर उठा लिए करोड़ो का लोन, पटवारी लोकेश्वर सस्पेंड, 11 के खिलाफ जुर्म दर्ज

कोरबा : जंगल की ढाई सौ एकड़ जमीन भू माफियाओं के नाम चढ़ाने वाले पटवारी लोकेश्वर मैत्री को कलेक्टर अजीत बंसल ने निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई SDM की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है. कलेक्टर ने SDM को पटवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर और 10 अन्य भूमि स्वामियों के खिलाफ पुलिस में जुर्म दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक करतला तहसील के पटवारी हल्का नंबर 34 ग्राम चोरभट्ठी के पटवारी लोकेश्वर मैत्री ने ग्राम की भूमि मूल खसरा नंबर 223, 265, 312, 503, 980 को 10 लोगों के नाम पर आरडी सीरिज में दर्ज कर 24 अक्टूबर 2024 को सत्यापित कर दिया.
जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि उक्त खसरा नंबर एवं रकबा अन्तर्गत भूमि स्वामी बने विजय पिता मेलाराम, नवीन बहादुर पिता हरी बहादुर, गजानंद पिता हीरादास, रामेश्वर पिता सहेत्तर, धनेश पिता परसराम, हीरादास पिता भुवनदास, भालेश्वर पिता शिवकुमार, विनोद विश्वास पिता विवेक विश्वास, दोमेंन्द्र प्रसाद पिता महावीर, ज्योति राय पिता प्रिंस राय को भूमि स्वामी बनाया गया है.
जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि खसरा नंबर और रकबा 223/7, 265/7, 312/8, 503/10, 980/7 रकबा क्रमशः 2.500, 2.430, 1.980, 1.560, 1.852 हेक्टेयर भूमि एक्सिस बैंक रायपुर छत्तीसगढ़ में 27.12.2024 से बंधक है. उक्त भूमि का वर्तमान भूमि स्वामी रामेश्वर पिता सहेत्तर है.
इसी तरह 223/9, 265/9, 312/10, 503/12, 980/9 रकबा क्रमशः 2.500, 2.199, 1.560, 1.880, 1.202 हेक्टेयर भूमि इसाफ स्माल फायनेंस बैंक चांपा में 21 जनवरी 2025 से बंधक है. उक्त भूमि का स्वामी वर्तमान में हीरादास पिता भुवन दास है.
इसी तरह खसरा नंबर 223/12, 265/12, 312/13, 503/15, 980/12 रकबा क्रमशः 2.500, 2.850, 2.400, 1.640, 0.640 हेक्टेयर भूमि एक्सिस बैंक रायपुर छत्तीसगढ़ में बंधक है. उक्त भूमि का स्वामी वर्तमान में डोमेंद्र प्रसाद पिता महावीर है.
तहसीलदार करतला ने अपने जांच प्रतिवेदन में बताया है कि उक्त भूमि अधिकार अभिलेख वर्ष 1954-55 में 223/ 1, 265/1, 312/1 रकबा क्रमशः 43.94, 0.24, 10.03 हेक्टेयर भूमि छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज है और ख.नं. 503/1, 980/1 रकबा क्रमशः 17.68, 17.60 हेक्टेयर भूमि अधिकार अभिलेख 1954-55 में बड़े झाड़ के जंगल मद में दर्ज है.
जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद कलेक्टर अजीत वसंत ने तत्काल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा को लगभग 250 एकड़ से ज्यादा जमीन को फिर से शासकीय मद में दर्ज करने के निर्देश दिये हैं. साथ ही पटवारी लोकेश्वर मैत्री सहित इस खेल के मास्टर माइंड पटवारी के असिस्टेंट और कम्पयूटर आपरेटर बिट्टू चौहान सहित 10 भू-स्वामियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए कहा है.
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कलेक्टर ने प्रिंसिपल को किया सस्पेंड

सरगुजा : सरगुजा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विलास भोस्कर ने लखनपुर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को सस्पेंड कर दिया है. प्रभारी प्राचार्य को विशाखा समिति की जांच में महिला कर्मियों के लैंगिक उत्पीड़न, अभद्रता और महिलाओं के प्रति अशोभनीय व्यवहार के लिए दोषी पाया गया है. वहीं प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत करने वाली स्कूल की सहायक शिक्षिका को भी स्कूल से हटा दिया गया है. शिक्षिका को देवगढ़ आत्मानंद स्कूल भेजा गया. मिली जानकारी के मुताबिक लखनपुर स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल के सहायक शिक्षिका विज्ञान (प्रयोगशाला), नीलम गुप्ता ने प्राचार्य संजय कुमार वर्मा के खिलाफ अभद्रता, अशोभनीय व्यवहार और लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत की थी. मामले की जांच “विशाखा समिति” द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट मिलने पर दोनों पर कार्रवाई की गई है.
विशाखा समिति की जांच में प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार वर्मा का व्यवहार अशिष्ट, अभद्र और अशोभनीय पाया गया, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। यह व्यवहार छात्र-छात्राओं और पूरे स्टॉफ के लिए अनुचित और पद की गरिमा के खिलाफ है. समिति की अनुशंसा के आधार पर
सरगुजा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 22 (3) और कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर तय किया गया है.
विशाखा समिति ने नीलम गुप्ता के संबंध में भी निष्कर्ष निकाला कि उनके विद्यालय में बने रहने से वातावरण दूषित होने की संभावना है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष सेजेस विद्यालय समिति विलास भोस्कर ने उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से वर्तमान विद्यालय से मुक्त कर सेजेस विद्यालय, देवगढ़, विकासखंड-सीतापुर, जिला-सरगुजा में कार्य संपादन के लिए आदेशित किया गया है.
विशाखा समिति ने नीलम गुप्ता की शिकायत की जांच के बाद रिपोर्ट में यह बताया कि उनके स्कूल में बने रहने से माहौल प्रभावित हो सकता है. इसके बाद कलेक्टर और सेजेस विद्यालय समिति के अध्यक्ष विलास भोस्कर ने उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत दोषी मानते हुए, तत्काल प्रभाव से इस स्कूल से हटा दिया और उन्हें सेजेस विद्यालय, देवगढ़, विकासखंड-सीतापुर, जिला-सरगुजा में कार्य करने का आदेश दिया.
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