डॉक्टर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 लाख की ठगी, अच्छे दिन के सपने दिखाने वाला आरोपी विकास गिरफ्तार होकर पहुंचा सलाखों के पीछे
20 lakh rupees were defrauded by promising a doctor's job; the accused Vikas, who promised good days, was arrested and sent behind bars.
दुर्ग : दुर्ग जिले में शासकीय चिकित्सक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है. थाना सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने इस मामले में आरोपी विकास चंद्राकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर प्रार्थी से बड़ी रकम लेकर न तो नौकरी दिलाने और न ही पूरी राशि वापस करने का आरोप है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी सचिन मालगी पिता स्व कम्पन्ना आर. मालगी, उम्र 43 साल निवासी मकान नंबर 12, कदम कैपिटल टाउन, अंजोरा, चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग ने थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में रिपोर्ट दर्ज कराया कि विकास चंद्राकर नामक व्यक्ति ने उसे सरकारी डॉक्टर के पद पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया और इसी झांसे में उससे कुल 20 लाख रुपये की रकम हासिल कर ली.
प्रार्थी के मुताबिक आरोपी ने न तो उसे नौकरी दिलवाई और न ही पूरी रकम वापस की. इस मामले की प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया जुर्म मानते हुए थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 411/2025 धारा 420 भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की.
इस मामले की जांच के दौरान आरोपी विकास चंद्राकर की लगातार तलाश की जा रही थी. खबर मिलने पर आरोपी को तलब कर पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने बयान में कबूल किया कि उसने मई 2023 में प्रार्थी सचिन मालगी से डॉक्टर की नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख रुपये लिए थे. नौकरी नहीं लग पाने की सूरत में उसने अलग-अलग किश्तों में 8 लाख रुपये प्रार्थी और उसकी पत्नी कीर्ति पटानी के बैंक खातों में वापस किए थे.
आरोपी ने बाकी 13 लाख रुपये लौटाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के अपने खाते के दो चेक- एक 5 लाख रुपये और दूसरा 8 लाख रुपये का प्रार्थी को दिए थे. हालांकि जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी की इन चेकों का भुगतान करने की कोई वास्तविक मंशा नहीं थी. आरोपी ने जानबूझकर अपने बैंक खाते में पे-ऑप्शन सक्रिय नहीं कराया. जिससे चेक बाउंस होने की स्थिति बनी और धोखाधड़ी का कृत्य स्पष्ट रुप से प्रमाणित हुआ.
पुलिस ने बताया कि आरोपी का यह कृत्य भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत जुर्म की श्रेणी में आता है. आरोपी के खिलाफ अभिरक्षा पत्र तैयार कर विधिवत वैधानिक कार्रवाई की गई. पुलिस मामले की आगे भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की ठगी और लोगों के साथ की है या नहीं.
आरोपी
विकास चंद्राकर, पिता गिरधारी लाल चंद्राकर, उम्र 39 साल, निवासी मकान नंबर 1, विवेक मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, त्रिमूर्ति कॉलोनी के पास, जिला महासमुंद (छत्तीसगढ़)
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