ढाई साल से पैसा नहीं मिलने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष के चेंबर से सभी कुर्सियां उठा ले गया दुकानदार, जमीन पर बैठकर करना पड़ रहा काम

After not getting money for two and a half years the shopkeeper took away all the chairs from the chamber of the District Panchayat President the work had to be done sitting on the ground

ढाई साल से पैसा नहीं मिलने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष  के चेंबर से सभी कुर्सियां उठा ले गया दुकानदार, जमीन पर बैठकर करना पड़ रहा काम

महासमुंद : जनपद अध्यक्ष कार्यालय में कुर्सी का भुगतान नहीं होने की वजह से दुकानदार कुर्सियों को उठा ले गया है. और जनपद पंचायत अध्यक्ष जमीन पर बैठकर अपना काम कर रहे हैं. उन्होंने अपने सामने अपने नाम का एक नेम प्लेट भी लगाया हुआ है. 
जानकारी मिली है कि जनपद कार्यलाय महासमुंद में अब अध्यक्ष के कार्यालय में कुर्सी ही नहीं है लिहाजा अध्यक्ष यतेंद्र साहू कार्यालय के जमीन पर बैठकर काम का संचालन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि ढाई साल पहले जनपद अध्यक्ष कार्यालय के लिए एक दुकान से अध्यक्ष कुर्सी समेत जनपद सदस्यों के लिए कुर्सी की खरीदी की गई थी. जिसका पेमेंट अभी तक नहीं हुआ है. दुकानदार द्वारा पेमेंट को लेकर के बार-बार अध्यक्ष को खबर दिया गया. लेकिन अभी तक कुर्सी का पेमेंट नहीं हो सका. आख़िरकार सुबह पिकअप में सभी कुर्सी को डालकर दुकानदार ले गया.
जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू ने इस मामले में कहा कि कार्यकाल के दौरान जितने भी सीईओ यहां पदस्थ हुए हैं सभी को पेमेंट के लिए बोला गया. लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है. इस मामले में जनपद सदस्य दिग्विजय साहू ने बताया कि यह सरासर लापरवाही जनपद पंचायत के सीईओ और बाबू की है. 
जानकारी मिली है कि नया कार्यकाल शुरु होते ही हर बार जनपद में नयी कुर्सियां खरीदी जाती हैं. नयी कुर्सियों के आने से पहले ही पुरानी कुर्सियां गायब हो जाती हैं. दशकों से ऐसा ही होते आ रहा है. पुरानी कुर्सियां कहां चली जाती हैं. नयी कुर्सियों को किस मद पर खरीदा जाता है. कौन खरीदता है. इसके लिए कोटेशन और टेंडर होता भी है कि नहीं. इसकी जानकारी सीईओ तक को नहीं है. लेकिन इस बार जनपद अध्यक्ष के कार्यालय से कुर्सी का इस तरह चले जाना बड़ी बात हो गई है. बहरहाल जनपद सदस्य नीम के पेड़ के नीचे दरी बिछाकर बैठ रहे हैं.
भाजपा के जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू को जनपद कार्यालय के उनके कमरे में जमीन पर बैठा देखकर लोग हैरान रह गए. साहू ने बताया कि उनकी रिवाल्विंग चेयर व सदस्यों की 12 चेयर भुगतान नहीं होने से वेंडर उठाकर ले गया. जबकि वेंडर का कहना है कि वह भुगतान मांगने अध्यक्ष के पास गया था. लेकिन टेबल-कुर्सियां मैं नहीं लाया हूं. जनपद अध्यक्ष ने पुरानी होने के बाद मेरी दुकान में खुद भिजवाई. 
बिना कोटेशन मंगाया गया था फर्नीचर-सीईओ
सीईओ जनपद बीएस मंडावी ने बताया कि मामला करीब डेढ़ साल पुराना और उनके आने के पहले का है. उपरोक्त फर्नीचर बिना कोटेशन के मंगाया गया था. 
खरीदी के लिए आधिकारिक आदेश भी नहीं था. इस वजह से मैंने भी उसे रखने से मना कर दिया. बाकी के पुराने सारे फर्नीचर कहां हैं. इसका पता नहीं लगा है.
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