छग को सेरीकल्चर के क्षेत्र में मिला बेस्ट एचिवर पुरस्कार, CM ने रेशम पालक किसानों को दी बधाई, स्वास्थ्य मंत्री नाराज, डीन और एम.एस. निलंबित
Chhattisgarh got the Best Achiever Award in the field of sericulture CM congratulated the silk rearing farmers Health Minister was angry Dean and MS Suspended
रायपुर : छत्तीसगढ़ के किसानों को रेशम पालन के क्षेत्र में एक और बड़ा पुरस्कार हासिल किया है. केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने बैंगलूरु में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के 75वें स्थापना दिवस 20 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में टसर कृमिपालक एवं टसर धागाकारक गतिविधि के लिए छत्तीसगढ़ को बेस्ट एचिवर पुरस्कार से नवाजा गया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसके लिए विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और रेशम पालक किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी.
छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा के बाद संतोष कुमार देवांगन, ग्राम-सिवनी, जिला-जांजगीर-चांपा को धागाकारक और गणेश राम सिदार, ग्राम-बार जिला-सारंगढ, बिलाईगढ़ को टसर कृमिपालक के रुप में नामांकित करते हुए उक्त कृषकों द्वारा दोनों विधाओं में मिली उत्कृष्ठ उपलब्धि पत्रक एवं हितग्राहियों की जुबानी सफलता की कहानी फोटोग्राफ एवं विडियों सहित पूर्ण संकलन संयुक्त सचिव केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरु प्रेषित किया गया था.
छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (रेशम प्रभाग) द्वारा ’’प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन’’ में भाग लेने के लिए राज्य की ओर से टसर कृमि पालक और धागाकारक के किसान को प्लेटिनम जुबली सेलिब्रेशन में भेजा गया था. इन दोनों विधाओं के प्रतिभागी कृषकों को केन्द्रीय रेशम बोर्ड बैंगलूरू द्वारा पुरस्कृत किया गया है.
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स्वास्थ्य मंत्री नाराज, डीन और एम.एस. निलंबित
बिलासपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बिलासपुर सिम्स की अधिशाषी समिति की बैठक में शामिल हुए. मरीजों को हो रही परेशानी और सिम्स प्रबंधन की कार्यशैली से मंत्री नाराज हुए. लापरवाही बरतने पर डीन डॉ. के.के. सहारे और एम.एस. डॉ. एस.के.नायक को सस्पेंड करने के निर्देश दिया.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बिलासपुर में सिम्स के विस्तार के रुप में कोनी में बन रहे मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल भवन का निरीक्षण किया. उन्होंने 31 अक्टूबर 2024 तक तमाम निर्माण, खरीदी एवं भर्ती के कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिया. ताकि राज्य स्थापना सप्ताह के दौरान इसका लोकार्पण किया जा सके. उन्होंने अस्पताल भवन एवं अब तक उपलब्ध की गई सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया.
उल्लेखनीय है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त वित्तीय भागीदारी से करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है. Bilaspur CIMS छह गंभीर रोगों के मरीजों के इलाज के लिए इसमें 240 बेड की सुविधा है. नया मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल ग्राउण्ड फ्लोर सहित 10 मंजिलों में बना है.
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