छात्राओं से अश्लील हरकत के आरोप में मिडिल स्कूल शिक्षक राममूरत सस्पेंड, भुइंया एप में फर्जी प्रविष्टि के कारण पटवारी रामनरेश निलंबित

Middle school teacher Rammurat suspended on charges of obscene behavior with girl students Patwari Ramnaresh suspended due to fake entry in Bhuinya app

छात्राओं से अश्लील हरकत के आरोप में मिडिल स्कूल शिक्षक राममूरत सस्पेंड, भुइंया एप में फर्जी प्रविष्टि के कारण पटवारी रामनरेश निलंबित

छात्राओं से अश्लील हरकत के आरोप में मिडिल स्कूल शिक्षक राममूरत सस्पेंड

बिलासपुर : छात्राओं से अश्लील हरकत के आरोप में शिक्षक राम मूरत कौशिक को निलंबित कर दिया गया है. संयुक्त संचालक शिक्षा बिलासपुर ने निलंबन आदेश जारी किया है. मामला तखतपुर विकासखंड के सकरी पूर्व माध्यमिक स्कूल का है.
छात्राओं ने शिक्षक के खिलाफ अश्लील हरकत किए जाने की शिकायत कलेक्टर बिलासपुर से की. कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसडीएम तखतपुर और जिला शिक्षा अधिकारी से जांच करवाई. दोनों अधिकारियों ने तत्परता से शिकायत की. जांच कर घटना को सही पाया. इससे प्रमाणित हुआ कि शा.पू.मा.शाला सकरी में कार्यरत शिक्षक राम मूरत कौशिक द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के साथ अश्लील हरकत किया जाता रहा है.
राममूरत कौशिक का उक्त कृत्य पदीय गरिमा के विपरीत और निंदनीय होने और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 की कंडिका-3 के खिलाफ होने की वजह से गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है. इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा प्राप्त प्रस्ताव एवं छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) क के तहत राम मूरत कौशिक शिक्षक शा.पू.मा.शाला सकरी वि.ख. तखतपुर जिला-बिलासपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. और इनका मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तखतपुर नियत किया जाता है. निलंबन अवधि में राम मूरत कौशिक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

भुइंया एप में फर्जी प्रविष्टि के कारण पटवारी राजकिशोर सवैया निलंबित

बेलगहना : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन के सीमांकन में गड़बड़ी करने वाले रामनरेश पटवारी को कलेक्टर ने निलंबित करने का आदेश जारी किया है. पटवारी पर आरोप है कि उसने एक जमीन का दो अलग-अलग सीमांकन रिपोर्ट दिया है. इसके लिए लेनदेन करने का गंभीर आरोप है. मामला बेलगहना तहसील का है.
पटवारी रामनरेश बागड़ी पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम मटसगरा तहसील कोटा की भूमि के सीमांकन के दौरान दो अलग-अलग रिपोर्ट पेश की. पहली रिपोर्ट 11 अप्रैल 2017 को स्थल जांच के समय तैयार की गई थी. इसमें जनकराम ने बताया कि सुरेश कुमार की भूमि पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं था.
जिसके बाद 20 अप्रैल 2017 को तहसीलदार को प्रेषित दूसरी रिपोर्ट में रामनरेश ने कहा कि जनकराम ने सुरेश कुमार की भूमि के एक हिस्से पर कब्जा किया हुआ है.
यह विरोधाभास भू-राजस्व संहिता की धारा 128-129 का उल्लंघन माना गया. अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर ने अपने आदेश में रामनरेश बागड़ी के इस कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रतिकूल पाया.
दो सीमांकन रिपोर्ट बनाने के एवज में पटवारी पर पैसे के लेनदेन करने का भी आरोप है. अतिरिक्त कलेक्टर के जारी निर्देशों का उल्लंघन करने की वजहसे उसे निलंबित कर दिया गया है और उनके मुख्यालय बेलगहना तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है. उनके स्थान पर पटवारी अमित पांडेय को ग्राम डाड़बछाली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
पटवारी के द्वारा की गई इस विभागीय अनियमितता की जांच भी कराई जाएगी. छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के तहत रामनरेश के खिलाफ विभागीय जांच शुरु की जा रही है. जिसकी जांच अधिकारी तहसीलदार अभिषेक राठौर करेंगे. जांच में दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

भुइंया एप में फर्जी प्रविष्टि के कारण पटवारी राजकिशोर सवैया सस्पेंड

बिलासपुर : गिरदावरी काम में सरकारी निर्देशों का उल्लंघन और भुइंया एप में फर्जी प्रविष्टियों की वजह से तहसील सकरी के पटवारी राजकिशोर सवैया को सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबित होने का कारण पटवारी राजकिशोर सवैया ने निजी व्यक्ति से सहयोग लेकर डिजिटल हस्ताक्षर कर फर्जी प्रविष्टियां की.
ग्राम पोड़ी में कई खसरों में अनियमितताएं पाई गई. जिनमें बिना अनुमति सरकारी भूमि को निजी नामों पर दर्ज किया गया था. और इसे बैंक में गिरवी भी दिखाया गया था. जांच के बाद यह पाया गया कि पटवारी ने शासकीय कार्य का संपादन खुद न कर इसे निजी व्यक्ति द्वारा कराया. जो नियमों का सीधा उल्लंघन है.
अनुविभागीय अधिकारी तखतपुर से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार ग्राम पोड़ी प.ह. नं. 51, रा.नि.मं. गनियारी, तहसील सकरी के
आनलाइन खसरा में ख.नं. 81/5, 81/6, 104/6, 104/7, 104/8, 105/6, 105/7, 155/4 रकबा कमश 0.809, 0.364, 0.688, 0. 389, 0.708, 0.486,0.405, 0.364 हेक्ट.खसरा नं. 8. कुल रकबा 4.213 हेक्ट, भूमि जो कि अजय कुमार पिता राजेन्द्र कुमार के नाम पर दर्ज हो जाना,
आनलाइन खसरा में खसरा नं. 24/4, 39/6, 180/4, 186/9 रकंबा कमशः 0.445, 1.450, 1.990, 0.884 हेक्ट. कुल खसरा नं. 4. कुल रकबा 4.769 हेक्ट. भूमि बिसाहू घोसले पिता चैतू घोसले के नाम पर दर्ज हो जाना,
आनलाइन खसरा में खसरा नं. 24/3, 128/4, 130/3, 130/4, 279/3 रकबा कमशः 0. 665, 1.884, 0.884, 1.912, 1.972 हेक्ट.कुल खसरा नं. 5. कुल रकबा 7.317 हेक्टेयर भूमि हेमन कुमार पिता लखनलाल के नाम पर दर्ज हो जाना
खसरा नं. 24/3, 128/4.130/3, 130/4, 279/3, रकबा कमशः 0.665, 1.884, 0.884, 1.912, 1.972 हेक्टेयर कुल ख.नं. 5, कुल रकबा 7.317 हेक्टेयर भूमि ईडीएफसी फस्ट बैंक में बंधक दर्ज होना
आनलाइन खसरा में खसरा नं. 23/4, 39/5, 180/3, 186/8, 279/4 रकबा कमशः 0.413, 1.019, 1.769, 0.782, 1.245 हेक्ट. कुल ख.नं. 5. कुल रकबा 5.228 हेक्ट. भूमि दिलीप कुमार पिता रामशरण के नाम पर दर्ज होना एवं दिनांक 10/10/2024 को आनलाइन अभिलेख से उक्त खसरा नंबर का गायब हो जाना पाया गया है.
जांच में सामने आई गड़बड़ियां
फर्जी प्रविष्टियां, ग्राम पोड़ी के खसरा नंबर 81/5, 104/6, 130/4 आदि को बिना स्वीकृति के अजय कुमार, बिसाहू घोसले, हेमन कुमार जैसे व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कर दिया गया है। जांच में 20 हेक्टेयर से अधिक भूमि गलत तरीके से नामों पर दर्ज की गई.
गिरवी दिखाया गया. लेकिन दस्तावेजों में कई प्रमाणों का अभाव पाया गया. जिससे लोन प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठे.
प्रविष्टियों का विलोपन, 10 अक्टूबर 2024 को रिकार्ड में इन खसरों के नंबर अचानक गायब हो गए. जो कि डिजिटल अनियमितता को दर्शाता है। इस घटना ने शासकीय भूमि के रिकार्ड की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं.
आदेश और निलंबन
शासन के गिरदावरी से जुड़े स्पष्ट निर्देशों के तहत पटवारी को स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण कर त्रुटियों का निवारण करना था. मगर पटवारी राजकिशोर सवैया ने निजी व्यक्ति से सहयोग लेकर डिजिटल हस्ताक्षर कर फर्जी प्रविष्टियां की. इसके चलते उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

राजस्व कार्यों में ढिलाई पर तीन तहसीलदारों को नोटिस

बिलासपुर : कलेक्टर अवनीश शरण ने बिलासपुर तहसीलदार मुकेश देवांगन, रतनपुर तहसीलदार आकाश गुप्ता और कोटा तहसीलदार प्रकाश साहू को राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण नोटिस जारी किया है.
कलेक्टर ने राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों, विशेषकर नक्शा बटांकन में हुई ढिलाई पर नाराजगी जताई, जो कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सर्वोच्च प्राथमिकता का हिस्सा है। यह समीक्षा बैठक राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के मकसद से आयोजित की गई थी.
समीक्षा बैठक में कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों को योजनाओं में प्रगति लाते हुए और तेज गति से काम करें. कलेक्टर ने गिरदावरी का कार्य पूरी शुद्धता से करने का निर्देश दिया. साथ ही डिजीटल क्रॉप सर्वे का काम भी समय-सीमा में पूर्ण करने कहा.
राजस्व मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी भी दी है. कलेक्टर ने मनरेगा के कामों में और प्रगति लाते हुए मजदूरों की तादाद बढ़ाने के निर्देश दिए. पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए सेचुरेशन लेवल हासिल करने तक प्रगति लाने निर्देश दिए.
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कुष्ठ रोग और टीबी उन्मूलन के लिए और बेहतर काम करने कहा. सामुदायिक अस्पतालों में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों में एक भी बेड खाली न रहे यह प्रयास करें. एनएचएम के रिक्त पदों पर भरती की कार्यवाही करने के निर्देश दिए. समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ आरपी चौहान, एडीशनल कलेक्टर तन्मय खन्ना सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb