रायपुर की महिला ने खेला बड़ा खेल, हनीट्रैप और करोड़ों की ब्लैकमेलिंग का मामला, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
Raipur woman plays a big game, honeytrap and blackmailing case worth crores, stirred up commotion, police engaged in investigation
रायपुर : राजधानी रायपुर के मेटल पार्क रावाभांटा क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने अपने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के कौशल का उपयोग करते हुए ट्रांसपोर्ट कारोबारी से करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करवा ली. यह मामला काफी समय से चल रहा था. जिसमें महिला ने कारोबारी को दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर डराने और लाखों का मकान अपने नाम करवा लेने की कहानी सामने आई है.
सूत्रों के मुताबिक, महिला करीब 10 साल तक मजदूरी करती रही और उस दौरान ट्रांसपोर्ट कारोबारी के संपर्क में आई. महिला ने कारोबारी के साथ सात साल तक संबंध बनाए रखे. इसी दौरान उसने कारोबारी को ब्लैकमेल करना शुरु किया. महिला ने कारोबारी से मकान बनवाया. लेकिन रजिस्ट्री में अपना नाम जोड़कर यह सुनिश्चित किया कि संपत्ति आधिकारिक रुप से भी उसके पास दर्ज हो जाए.
जब व्यवसायी को इस बारे में जानकारी हुई और उसने विरोध जताया. तब महिला ने कारोबारी को धमकाया कि वह उसे दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर जेल भेज देगी. डर के मारे व्यवसायी ने मकान की रजिस्ट्री महिला के नाम कर दी.
कारोबारी ने यह भी साफ किया कि भविष्य में महिला द्वारा उसकी शिकायत या किसी अतिरिक्त धन की मांग की गई तो विलेख शून्य माना जाएगा. इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक इन सात साल के दौरान महिला ने कारोबारी से लाखों रुपए के गहनों की खरीदी करवाई. जिससे उसके पास बड़ी तादाद में जेवरात इकट्ठा हो गए. महिला का यह चालाक तरीका इसे हनी ट्रैप का मामला बनाता है.
महिला के राष्ट्रीय राजनीतिक दल से जुड़ाव की वजह से कॉलोनी के लोग इस संबंध में सार्वजनिक रुप से शिकायत करने में हिचक रहे हैं. स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि महिला के असर और राजनीतिक कनेक्शन के चलते कोई भी उसे चुनौती नहीं दे पा रहा है. इस वजह से मामला लंबे समय तक दबा रहा और कारोबारी ने कानूनी कार्रवाई भी करने में देरी किया.
हनीट्रैप और ब्लैकमेल के इस तरह के मामले कानूनी रुप से जटिल होते हैं. क्योंकि इसमें सबूत जुटाना और साबित करना कठिन होता है. ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने हक–त्याग विलेख के जरिए अपने अधिकारों की सुरक्षा की कोशिश की. लेकिन महिला ने चालाकी से संपत्ति अपने नाम कर ली.
वर्तमान में प्रशासन के संज्ञान का इंतजार है कि कब यह मामला उजागर होकर ब्लैकमेलिंग और हनी ट्रैप के आरोपों की जांच की जाएगी. स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर दबाव है कि इस तरह की संपत्ति हड़पने की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
सूत्रों के मुताबिक महिला का गुरुर चरम पर है और उसने यह मान लिया है कि उसके राजनीतिक और सामाजिक कनेक्शन के चलते वह सुरक्षित है. वहीं कारोबारी का कहना है कि उसने किसी भी तरह की शिकायत सार्वजनिक रुप से दर्ज नहीं कराई. जिससे महिला और ज्यादा निडर हो गई.
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