तहसीलदार ने किसान से बदसलूकी, प्रशासनिक जांच की मांग, इधर पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने किया इच्छा मृत्यु की मांग, पहुंचे कलेक्ट्रेट

Tehsildar mistreated farmer, demanding administrative inquiry; while former Sarpanch and villagers demanded euthanasia, they reached the Collectorate.

तहसीलदार ने किसान से बदसलूकी, प्रशासनिक जांच की मांग, इधर पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने किया इच्छा मृत्यु की मांग, पहुंचे कलेक्ट्रेट

पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने किया इच्छा मृत्यु की मांग, पहुंचे कलेक्ट्रेट

धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े कथित घोटाले को उजागर करने वाले पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग कर दी है. पूर्व सरपंच का आरोप है कि शिकायत करने की कीमत उन्हें मानसिक प्रताड़ना के रूप में चुकानी पड़ रही है.
पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने की इच्छा मृत्यु की मांग
धमतरी जिले के ग्राम सिवनी कला के ग्रामीण उस वक्त हैरान रह गए जब गांव के पूर्व सरपंच ईश्वर लाल साहू अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सीधे कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंच गए. हाथों में आवेदन और जुबां पर एक ही मांग इच्छा मृत्यु.. मामला भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़ा है. पूर्व सरपंच ईश्वर साहू का आरोप है कि उन्होंने भारतमाला प्रोजेक्ट में हुए कथित घोटाले की शिकायत की थी. लेकिन इसके बाद उन्हें इंसाफ मिलने के बजाय, दबाव और प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
पूर्व सरपंच के क्या है आरोप
पूर्व सरपंच का आरोप है कि शिकायत के बाद एक सत्ताधारी नेता के दबाव में उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई की जा रही है. उनके मुताबिक लगातार नोटिस, जांच और आरोपों के चलते वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस तरह शिकायत करने वालों को दबाया जाएगा तो गांवों में लोकतंत्र और पारदर्शिता सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाएगी.
कलेक्टर ने दिलाया निष्पक्ष जांच का भरोसा
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है. फिलहाल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है. लेकिन सवाल यही है कि क्या शिकायतकर्ता को इंसाफ मिलेगा या फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की यही कीमत चुकानी पड़ेगी?
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तहसीलदार ने किसान से बदसलूकी, प्रशासनिक जांच की मांग

रामानुजगंज : छत्तीसगढ़ में अधिकारियों की तरफ से किसानों के साथ बदसलूकी का मामला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. किसान को धमकी देने का ऐसा ही एक मामला वाड्रफनगर के बरती धान खरीदी केंद्र से सामने आया है., जहां तहसीलदार ने किसान की समस्या सुनने के बजाए उन्हें अंदर करवाने की धमकी दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक बरती धान खरीदी केंद्र में किसान खरीदी केंद्र के प्रबंधक से हमाली के भुगतान को लेकर सवाल-जवाब कर रहा था. किसान का आरोप है कि हमाली के पैसे समय पर नहीं दिए जा रहे थे. इसी मुद्दे को लेकर वह अपनी बात रखना चाहता था. लेकिन मौके पर मौजूद तहसीलदार दिनेश नेट्टी ने किसान की समस्या सुनने के बजाए उन्हें धमकाते हुए कहा कि अपनी बात रखने के लिए समय ले लीजिए. काम में बाधा मत डालिए कहने लगे. तहसीलदार साहब यहीं नहीं रुके उन्होंने अपने सहयोगी से पुलिस को कॉल करने की बात भी कह डाली.
इस घटना से किसान बेहद नाराज और असंतुष्ट हैं. उन्होंने कहा कि वे अपनी किसानी मेहनत के सही भुगतान और सुनवाई का अधिकार चाहते हैं. लेकिन अधिकारियों की इस तरह की कार्रवाई से उनका भरोसा कम होता जा रहा है. किसानों का यह भी कहना है कि स्थानीय अधिकारियों के व्यवहार से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है.
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