छह साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर केसीसी लोन निकालने के मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर कुमार देवेन्द्र समेत पूरी ब्रांच गिरफ्तार

The entire branch including the then bank manager Kumar Devendra arrested in the case of taking out KCC loan in the name of a person who died six years ago

छह साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर केसीसी लोन निकालने के मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर कुमार देवेन्द्र समेत पूरी ब्रांच गिरफ्तार

अं​बिकापुर : छत्तीसगढ़ में ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इनमें शातिर ठग तो शामिल हैं. अब सरकारी बैंक के कर्मचारी भी शामिल हो गए हैं. ऐसा ही एक मामला एसबीआई यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सामने आया है. घटना अं​बिकापुर जिले की है.
मिली जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के लखनपुर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. इसमें खुटिया गांव के रहने वाले रामअवतार ने बताया था कि उनके पिता के नाम पर एसबीआई में किसान क्रेडिट कार्ड का लोन होने की बात सामने आई है. 
उन्होंने बताया कि जमीन संबंधी दस्तावेज बी-वन निकालने के दौरान उन्हें यह पता चला है. इसमें बताया गया है कि उनकी  पैतृक जमीन पर उनके पिता रामचरण के नाम से दो लाख 18 हजार रुपए का केसीसी लोन है. यह लोन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की लखनपुर ब्रांच में चल रहा है.
रामअवतार ने बताया कि उनके पिता की साल 2008 में ही मौत हो गई थी. इसलिए 2014 में उनके पिता के नाम से लोन कैसे निकाला जा सकता है. इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर ब्रांच स्टाफ व फर्जीवाड़े में शामिल बलराम बसोर, दरोगा दास, सीताराम कंवर, नन्दलाल राजवाड़े, विजय सिंह, बृजलाल यादव को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. अब इस केस में ब्रांच मैनेजर देवेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
मृत व्यक्ति के फर्जी दस्तखत कूटरचित दस्तावेजों के जरिए केसीसी लोन निकालकर गबन करने के मामले में थाना लखनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है. आरोपित बैंक मैनेजर ने मृत व्यक्ति के नाम पर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक लोन स्वीकृत कराया था. आरोपित बैंक मैनेजर पहले भी इस तरह का फर्जी लोन स्वीकृत कर धोखाधड़ी की घटना कारित किया था.
इस मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 419, 420, 467, 468, 471, 201, 34 भा.दं.सं. कायम कर पुलिस ने विवेचना में लिया था. मामले में पुलिस टीम ने पूर्व में कार्रवाई करते हुए आरोपी बलराम बसोर, दरोगा दास, सीताराम कवर, नन्दलाल राजवाड़े, विजय सिंह, बृजलाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था.
इस मामले के आरोपित स्टेट बैंक लखनपुर के तत्कालीन बैंक मैनेजर कुमार देवेन्द्र 59 साल निवासी सलईया, थाना मिश्रोध जिला भोपाल मध्य प्रदेश, हाल मुकाम एसबीआई डीएससी परदेशीपुरा इन्दौर मध्य प्रदेश को परदेशीपुरा इन्दौर मध्यप्रदेश को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपित वर्ष 2013 से 2015 तक स्टेट बैंक लखनपुर में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ था. बैंक मैनेजर के कहने पर ही सभी आरोपी आपस में सांठगांठ कर कूटरचित दस्तावेज के सहारे प्रार्थी रामअवतार के पिता के नाम पर बलराम बसोर को फर्जी तरीके से आवेदक बनाकर केसीसी बैंक लोन बैंक स्वीकृत कराए और बैंक मैनेजर ने फर्जी लोन स्वीकृत कर दिया।
पुलिस ने बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है. कार्रवाई में थाना प्रभारी लखनपुर निरीक्षक अश्वनी सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, जानकी प्रसाद राजवाड़े शामिल रहे.
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