रायपुर के गोलीकांड में दूसरी घायल साली की भी मौत, शराब के नशे दामाद सभी को खत्म कर देता लेकिन पिस्टल ने दिया धोखा, जीजा से करीबी बनी वजह?
The second injured sister-in-law also died in the Raipur firing incident. The drunken son-in-law would have killed everyone but the pistol betrayed him. Was his closeness to his brother-in-law the reason?
रायपुर : राजधानी के पंडरी इलाके में देर रात हुए गोली कांड मामले में जिसमें एक महिला की हत्या हो गई. कमिश्वरेट पुलिस इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रेक कोर्ट में कराने की कवायद में है. पंडरी के उषा प्राईड के पहले फ्लोर में दामाद जीतेंद्र वर्मा ने ही कई फायर कर दिया. जिससे उसकी एक साली की रात को ही मौत हो गई. जबकि एक की मौत सुबह इलाज के दौरान हो गई. खबर मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी जितेंद्र वर्मा और उसकी पत्नी खिलेश्वरी वर्मा के बीच पारिवारिक विवाद था. यह विवाद बीते कुछ महीनों से बढ़ गया था. खिलेश्वरी को जितेंद्र की शराब से आपत्ति थी और जितेंद्र को खिलेश्वरी की अपने जीजा और बहन से निकटता पर आपत्ति थी. विवाद जब बहुत बढ़ गया तो खिलेश्वरी अपनी बिटिया को लेकर मायके आ गई. जितेंद्र बीच बीच में ससुराल जाकर बेटी से मिलता था. लेकिन पांच मई की रात जबकि जितेंद्र वर्मा ससुराल पहुंचा तो बेटी नहीं थी और ना ही उसकी पत्नी थी. दोनों को लेकर उसे यह बताया गया कि दोनों जीजा जी और दीदी के पास गए हैं.
यह जानकारी मिलते ही जितेंद्र वर्मा आपे से बाहर हो गया. शराब के नशे में मदहोश जितेंद्र ने लायसेंसी पिस्टल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग की. पुलिस को आशंका है कि जिस अंदाज में उसने फायरिंग की. उससे ससुराल का कोई सदस्य नहीं बचता. लेकिन पिस्टल ने उसका साथ नहीं दिया. कई बुलेट बगैर फायर के जमीन पर गिरी मिलीं हैं. लेकिन कुछ गोलियां जो उसने चलाई वह उसकी दो सालियों को लगी. जिनमें से गीतांजली वर्मा उर्फ जया की मौत अस्पताल पहुंचते ही हो गई. जबकि दुर्गेश्वरी वर्मा की मौत सुबह इलाज के दौरान हुई है.
सास चश्मदीद
पूरे मामले की इकलौती चश्मदीद आरोपी जितेंद्र वर्मा की सास है. पुलिस जल्द ही उनका कलम बंद बयान दर्ज करा सकती है. अपुष्ट जानकारी के मुताबिक जितेंद्र और उसकी पत्नी के संबंध तलाक तक पहुंच गए थे. लेकिन वह ऐसी हरकत कर देगा. इसका अंदाज किसी को भी नहीं था.
रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन के डीसीपी मयंक गुर्जर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आरोपी की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सके. चश्मदीद सबूत के साथ फॉरेंसिक और अन्य अहम सबूत हैं जो आरोपी को सजा दिला देंगे.
नामचीन लोगों का बॉडी गार्ड रहा है जितेंद्र
जितेंद्र वर्मा को लेकर यह खबरें हैं कि,वह राजधानी के प्रभावशाली और नामचीन लोगों का बॉडी गार्ड रहा है. वह लंबे अरसे तक बाउंसर का भी काम कर चुका है. जितेंद्र की फेसबुक प्रोफाइल में दो वीडियो हैं जो उसकी बेटी के हैं. कुछ और जो तस्वीरें हैं. उनमें वह अपने सहयोगियों के साथ दिख रहा है. फेसबुक में सभी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक रुप से उपलब्ध नही है. मगर जो उपलब्ध हैं. उसमें कुछ विचित्र या संकेत देता सा नहीं है.
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