ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर होगी भर्ती, आदिवासी बाहुल्य गांवों का होगा कायाकल्प, आंकड़े कहते है अपराध में आई है कमी -डिप्टी सीएम अरुण साव
There will be recruitment on 237 posts in the Rural Livelihood Mission there will be rejuvenation of tribal dominated villages figures say that there has been a decrease in crime Deputy CM Arun Sao
आंकड़े कहते है अपराध में आई है कमी ! कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता- साव
रायपुर : विदेश यात्रा से छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कानून व्यवस्था में विपक्ष के आरोप और कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ बंद को लेकर सरकार का बचाव करते हुए विष्णुदेव सरकार की मंशा साफ की और कांग्रेस के बंद पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस मामले में राजनीति न करने की सलाह दी .
घटनाओं पर राजनीति करना कांग्रेस का काम है,कानून व्यवस्था पर विष्णुदेव साय सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति रखती है. सरकार कठोर से कठोर फैसले लेने में संकोच नहीं कर रही है. जो भी किसी भी घटना में दोषी होगा वो बचेगा नही।कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में कांग्रेस राजनीति करना बंद करे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुख्य कार्य घटनाओं पर राजनीति करना बन गया है. जबकि उनकी सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. साव ने स्पष्ट किया कि विष्णुदेव साय सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक हंगामा करने की बजाय, उसे समाज के हित में काम करना चाहिए. कानून व्यवस्था को बनाए रखने में उनकी सरकार ने कठोर कदम उठाने में कभी संकोच नहीं किया है. उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हर संभव प्रयास करेगी ताकि समाज में शांति और सुरक्षा बनी रहे.
साव ने कांग्रेस को याद दिलाया कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मिलकर समस्याओं का समाधान निकालने का है. उनका मानना है कि जिम्मेदार राजनीतिक दलों को विकास और शांति की दिशा में काम करना चाहिए, न कि केवल विरोध प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
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ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री साय द्वारा स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के प्रस्ताव को हरी झण्डी दी गई है. इसके तहत राष्ट्रीय आजीविका मिशन में 237 पदों पर नई भर्ती की जाएगी.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है. जिसमें राज्य स्तर के कुल 9 और जिला स्तरीय 228 पद शामिल हैं. राज्य स्तरीय पदों में सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन), सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (फार्म आजीविका), प्रोग्रामर व लेखापाल के एक-एक पद एवं भृत्य के दो पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है.
जिला मिशन प्रबंधन इकाई के 228 पदों में जिला मिशन प्रबंधक के 2, जिला कार्यक्रम प्रबंधक के विभिन्न 21, विकास खण्ड परियोजना प्रबंधक के 23 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय समन्वयक के 98, लेखापाल के 10 एवं लेखा सह एमआईएस सहायक के 49, कार्यालय सहायक, ऑपरेटर के 17 और भृत्य के 8 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है. इन पदों पर भर्ती होने से मिशन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा.
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आदिवासी बाहुल्य 6691 गांवों का होगा कायाकल्प
रायपुर : छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में साढ़े 6 हजार से अधिक गांवों में लोगों के बेहतर जीवन स्तर के लिए ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान‘ के अंतर्गत गांवों में आविवासी परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का राज्य में बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं.
आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य में कुल 30.62 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्या निवास करती है. अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों के विकास हेतु भारत सरकार द्वारा राज्य के कुल 4029 ग्रामों का चिन्हांकन किया गया है. जिनमें से वर्ष 2021-22 में 1530 ग्रामों का चयन किया गया था. उक्त ग्रामों में प्रति ग्राम 20.38 लाख के मान से राशि की स्वीकृति प्रदान की जाकर कार्यो का क्रियान्वयन किया जा रहा है. वहीं 733 ग्रामों की ग्राम विकास योजना केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिए प्रेषित की गई है. शेष 1766 ग्रामों की विजेअ डेवलपमेंट प्लान (टक्च् जिलों से तैयार कराई जा रही है. छत्तीसगढ़ राज्य के 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को शामिल किए गए है.
इस अभियान के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा ट्रायबल मल्टीपरपज मार्केटिंग सेन्टर्स, आश्रम शालाओं, छात्रावासों, शासकीय जनजातीय आवासीय विद्यालयों में अधोसंरचनात्मक सुधार, सिकलसेल डिजीज हेतु सपोर्ट-जागरुकता काउन्सलिंग तथा काम्पीटेन्स सेंटर की स्थापना, एफ.आर.ए. दावे की प्रक्रिया का डिजिटाइलेशन एवं सपोर्ट तथा एफ.आर.ए. सेल की स्थापना आदि गतिविधियों को शामिल किया जाएगा.
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