करैत सांप ने छीनी दो जिंदगियां, एक ही परिवार के तीन सदस्य बने शिकार, पिता-बेटे की मौत, मां गंभीर, इलाज में लापरवाही का आरोप, जांच के आदेश

A krait snake claimed two lives, killing three members of the same family. The father and son died, the mother is critical. Allegations of medical negligence have led to an investigation.

करैत सांप ने छीनी दो जिंदगियां, एक ही परिवार के तीन सदस्य बने शिकार, पिता-बेटे की मौत, मां गंभीर, इलाज में लापरवाही का आरोप, जांच के आदेश

कोरबा : कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों को करैत सांप ने डस लिया. हादसे में पिता और बेटे की मौत हो गई. जबकि मां की हालत नाजुक बताई जा रही है. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. यह  मामला बालको थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक चूड़ामणि भारद्वाज उम्र 52 साल बालको एल्युमिनियम प्लांट में कार्यरत थे और दर्री थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में पत्नी रजनी उम्र 41 साल और बेटे प्रिंस उम्र 10 साल के साथ रहते थे. शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे चूड़ामणि को सांप ने डस लिया. इसे उन्होंने कीड़े का काटना समझकर नजरअंदाज कर दिया और सोते रहे. कुछ देर बाद बेटे प्रिंस को भी सांप ने डस लिया. जिसके दर्द से वह चीखते हुए जाग गया. तभी पत्नी रजनी भी उठीं और कम्बल में छिपे सांप ने उन्हें भी डस लिया.
घटना के बाद परिजन तीनों को गोपालपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए. लेकिन आरोप है कि यहां न तो एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध था और न ही फौरन इलाज किया गया. पीड़ितों के रिश्तेदार द्वारिका भारद्वाज ने बताया कि आधे घंटे तक आवाज लगाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी बाहर आई और इंजेक्शन न होने की बात कहकर इलाज करने से मना कर दिया. इसके बाद पीड़ितों को ऑटो से जिला मेडिकल अस्पताल ले जाया गया.
इस बीच इलाज के अभाव में चूड़ामणि और उनके बेटे प्रिंस ने दम तोड़ दिया. जबकि रजनी की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.
यह दर्दनाक घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है कि सांप काटने जैसे सामान्य आपातकालीन मामलों के लिए भी ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त दवाएं और संसाधन उपलब्ध क्यों नहीं हैं.
कोरबा के मुख्य चिकित्सा-स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एस.एन. केसरी ने घटना पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि गोपालपुर PHC के एक नए नियुक्त कर्मचारी ने बिना मरीजों को देखे ही उन्हें रेफर कर दिया. जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
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