कवर्धा के लोहारीडीह कांड पर कांग्रेस के सवाल, न्याय यात्रा का मकसद सोई हुई सरकार को जगाना है, बढ़ते अपराध से जनता में डर का माहौल

Congress questions on Kawardha Lohari Dih incident the purpose of Nyaya Yatra is to wake up the sleeping government there is an atmosphere of fear among the public due to increasing crime

कवर्धा के लोहारीडीह कांड पर कांग्रेस के सवाल, न्याय यात्रा का मकसद सोई हुई सरकार को जगाना है, बढ़ते अपराध से जनता में डर का माहौल

न्याय यात्रा से हम जनता के मुद्दे उठाने में सफल रहे -दीपक बैज

रायपुर : राजीव भवन में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कांग्रेस की न्याय यात्रा को जनता के जख्मों पर मरहम बताया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि पिछले 27 सितंबर से छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की शुरूआत हुई और 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन राजधानी रायपुर में विराम हुआ। यह यात्रा बाबा गुरू घासीदास की तपोभूमि का दर्शन कर तमाम वरिष्ठ नेतागण, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता ने छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की शुरूआत की। पहले दिन 24 किमी की यात्रा तय कर कसडोल लवन में रात्रि विश्राम किया। दूसरे दिन लवन से शुरू कर रोहांसी तक 23 किमी की यात्रा तय किये। तीसरा दिन रोहांसी से शुरू कर भैसा तक लगभग 29.2 किमी से अधिक और चौथा दिन भैसा से शुरू कर सारागांव 24 किमी की सफर तय किया। पांचवा दिन सारागांव से सड्डू तक लगभग 18 किमी की यात्रा तय किया। इस तरह से लगभग 125 किमी से अधिक छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा क्षेत्र और जनता के बीच रहे। यात्रा निकलने से पहले प्रतिदिन सबेरे पत्रकार वार्ता फिर दोपहर भोजन के बाद पत्रकार वार्ता फिर चलते चलते वन टू वन चर्चाएं हुई, इस तरह से कुल 10 पत्रकारवार्तायें और 150 से अधिक वन टू वन या सिंगल बाईट हुई.
इस पत्रकार वार्ता में तीसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित किये। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित किये। धनेन्द्र साहू ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
हमारी यात्रा का मकसद सोई हुई सरकार को जगाने का था, जिस तरह से 9 से 10 महिने की सरकार पूरी तरह से छत्तीसगढ़ की जनता को सुरक्षित करने में विफल हुई। लगातार छत्तीसगढ़ में घटनायें घट रही है। अपराध बढ़ रहे है। अपराधियों का हौसला चरम पर है। ये सरकार लगातार अपराधियों को सरंक्षण देने का काम कर रही है। माता बहने सुरक्षित नहीं है, आश्रम छात्रावास में छोटी बच्चियां सुरक्षित नहीं है। पूरे प्रदेश में जनता के मन में डर और भय का माहौल बना हुआ है। प्रदेश की जनता दहशत में है। सरकार पर से जनता का भरोसा उठ चुका है। 10 महीने की भाजपा की सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा तोड़ दिया है। 6 दिन की यात्रा में हम जनता से मिले, उनसे चर्चा भी किये। कई लोगों के चेहरे पर डर भय दिखा। कई लोगों के चेहरे पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और आक्रोश दिखाई दिया। कई लोगों के चेहरे में इस न्याय यात्रा में खुशी भी दिखाई दी। छत्तीसगढ़ की जनता के न्याय के लिये तपती धूप, गर्मी, बरसात में भी हमारा कारवां नहीं रूका, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

न्याय यात्रा ने जनता की तकलीफ को आगे रखा -टी.एस. सिंहदेव

रायपुर : राजीव भवन में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कांग्रेस की न्याय यात्रा को जनता के जख्मों पर मरहम बताया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि पिछले 27 सितंबर से छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की शुरुआत हुई और 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन राजधानी रायपुर में विराम हुआ. यह यात्रा बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि का दर्शन कर तमाम वरिष्ठ नेतागण, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता ने छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की शुरुआत की. पहले दिन 24 किमी की यात्रा तय कर कसडोल लवन में रात्रि विश्राम किया. दूसरे दिन लवन से शुरु कर रोहांसी तक 23 किमी की यात्रा तय किये. तीसरा दिन रोहांसी से शुरु कर भैसा तक करीब 29.2 किमी से ज्यादा और चौथा दिन भैसा से शुरु कर सारागांव 24 किमी की सफर तय किया. पांचवा दिन सारागांव से सड्डू तक करीब 18 किमी की यात्रा तय किया. इस तरह से करीब 125 किमी से ज्यादा छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा क्षेत्र और जनता के बीच रहे. यात्रा निकलने से पहले रोजाना सबेरे पत्रकार वार्ता फिर दोपहर भोजन के बाद पत्रकार वार्ता फिर चलते चलते वन टू वन चर्चाएं हुई. इस तरह से कुल 10 पत्रकारवार्तायें और 150 से ज्यादा वन टू वन या सिंगल बाईट हुई.
पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में सभी ने मिलकर जनता और आप लोगों तक सच्चाई को पहुंचाया. ऐसा महसूस हो रहा है कि कल्पना भी नही की थी कि जब कवर्धा गया. वहां जेल में बंद लोगो से बात किया और 5 लोगो ने बताया कि जहां कचरु की लाश पड़ी हुयी थी. कहा गया कि उसने फांसी लगा ली. 5 लोगो ने कहा हम मध्यप्रदेश में मौजूद थे और कोटवार वहां पर उपस्थित थे. पुलिस कर्मी वहां पर उपस्थित थे. मध्यप्रदेश के पुलिस वाले आए और लाश को उतारा और डॉक्टर पोस्टमार्टम के समय उपस्थित थे. रात वहीं पर हम रुके और अगले दिन आए और उन्हें वहां आगजनी के मामले में बंदी बना दिए. 5 लोगो में 3 लोगों ने बताया कि कचरु की सिर में चोट के निशान है और एक व्यक्ति ने बताया कि कमर में लाल किस्म का ब्लड जैसा दिख रहा है. जो लोग वहां उपस्थित नहीं थे. उन्हें भी बंदी बनाकर जेल में डालने की घटना से हमें अवगत किया है. सारी बातों से साफ है कि यह सरकार किस तरह से असफल हो रही है. उसमें परिवर्तन छत्तीसगढ़ की हित में लाने के लिये न सिर्फ विपक्ष, न सिर्फ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई और कांग्रेस के सारे वरिष्ठ नेतागण मिलकर के काम कर कर कोशिश कर सकते हैं. आप की सहभागिता के बिना यह संभव नहीं होगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को बधाई देता हूं. यह एक अत्यंत संवेदनशील समय में उन्होंने बहुत ही जिम्मेदारी से निर्णय लिया और पदयात्रा का आयोजन कर लोगो का ध्यान आकर्षित किया. बेहतर छत्तीसगढ़ के लिये यह पदयात्रा बेहद जरुरी था.
पत्रकार वार्ता में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, गुरूमुख सिंह होरा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पंकज शर्मा, दीपक मिश्रा, सकलेन कामदार, वरिष्ठ प्रवक्ता धंनजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेन्द्र वर्मा, सत्यप्रकाश, वंदना राजपूत उपस्थित थे.
पत्रकार वार्ता के दौरान जैसे ही खबर आई की वरिष्ठ पत्रकार नितिन चौबे का दुःखद निधन हो गया है. कांग्रेस नेताओं और पत्रकार साथियो ने मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजली अर्पित किया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

न्याय यात्रा का मकसद सोई हुई सरकार को जगाना है, बढ़ते अपराध से जनता में डर का माहौल

रायपुर : राजीव भवन में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस की न्याय यात्रा का मकसद सोई हुई सरकार को जगाने का था. किस तरह से 9 से 10 महीने की सरकार पूरी तरह से छत्तीसगढ़ की जनता को सुरक्षित करने में विफल हुई. लगातार छत्तीसगढ़ में घटनायें घट रही हैं. अपराध बढ़ रहे हैं.। अपराधियों का हौसला चरम पर है.
बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में जनता के मन में डर और भय का माहौल बना हुआ है. प्रदेश की जनता दहशत में है. सरकार पर से जनता का भरोसा उठ चुका है. 10 महीने की भाजपा की सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता का भरोसा तोड़ दिया है. 6 दिन की यात्रा में हम जनता से मिले. उनसे चर्चा भी की। कई लोगों के चेहरे पर डर भय दिखा. कई लोगों के चेहरे पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और आक्रोश दिखाई दिया. कई लोगों के चेहरे पर इस न्याय यात्रा में खुशी भी दिखाई दी. छत्तीसगढ़ की जनता के न्याय के लिए तपती धूप, गर्मी, बरसात में भी हमारा कारवां नहीं रुका. कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ. बढ़ते अपराध के खिलाफ में जो इस न्याय यात्रा का मकसद था सरकार के नाकामी के खिलाफ में जनता तक पहुंचाने में हम सफल रहे. हमारी न्याय यात्रा से सरकार घबराई हुई थी, डर हुई थी. सहमी हुई थी. ये भी साफ-साफ दिख रहा था. इस तरह से हमारा न्याय यात्रा का समापन नहीं हुआ है और न अंत हुआ है. न्याय यात्रा अभी शुभारंभ हुआ. अभी आगाज हुआ है. अभी अंजाम तक पहुंचाना बाकी है. इस न्याय यात्रा का अभी विराम हुआ है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि यह बहुत ही सफल यात्रा साबित हुई है. भाजपा की सरकार के असफल हो जाने से यह परिस्थिति निर्मित हुई. हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में इस यात्रा को शुरु करेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने पदयात्रा मिलकर पूरी की. हम सभी की सुरक्षा का मामला है. यह सुरक्षा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा की गई. प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है. अपराधी बेलगाम हो गए हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में सबने मिलकर जनता और आप लोगों तक सच्चाई को पहुंचाया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb

कवर्धा के लोहारीडीह कांड पर कांग्रेस के सवाल

रायपुर : लोहारीडीह मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज तथा पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू ने विष्णुदेव सरकार को कटघरे में खड़ा किया. इस मुद्दे को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोहारीडीह की घटना में सरकार को दोषी बताते हुये सरकार से पांच सवाल पूछे. जो इस तरह हैं.
1. पुलिस के मुताबिक शिवप्रसाद उर्फ कचरु साहू ने खुदकुशी की. परिवार वालों व ग्रामीणों का कहना है कि यह हत्या का मामला है. शव का पोस्टमॉर्टम मध्यप्रदेश में हुआ. बिना परिजनों को बुलाए 9 साल के बेटे की मौजूदगी में आनन- फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया. कचरु साहू की बेटी ने फिर से पोस्टमॉर्टम करने का छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी और संबंधित जिले के एसपी को पत्र लिखा है. मैंने भी इसी आधार पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है.
2. सवाल यह है कि क्यो इस बारे में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारें और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है? अगर यह मामला मध्यप्रदेश से जुड़ा हुआ है तो क्या छत्तीसगढ़ पुलिस ने मध्यप्रदेश सरकार से इस बारे में कोई पहल की है?
15 सितंबर 2024 को ग्रामीणों ने कथित तरीके से एक मकान को आग लगा दी और उसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने 69 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें से पांच तो कचरु साहू का पोस्टमार्टम करवाने गए थे. कुछ लोग हैदराबाद से लौटे थे और कुछ लोग बाहर के रहने वाले हैं और घटना वाले दिन गांव में थे ही नहीं.
सवाल यह है कि पुलिस मे बिना जांच किए लोगों को किस आधार पर गिरफ्तार किया और गिरफ्तार किए गए लोगों पर धाराएं किस आधार पर लगाई गई है?
3. गिरफ्तार किए गए लोगों की तादाद 69 थी जिनमें से एक की अभिरक्षा में मौत हो चुकी है. लेकिन मामला 169 लोगों के खिलाफ है. सुना है कि कुल पांच मामले दर्ज किए गए हैं.
सवाल यह है कि जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. उनकी लिस्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है? जिन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. उन पर कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
4. छत्तीसगढ़ सरकार ने घटना को लेकर बढ़ते आक्रोश के बाद दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए हैं.
सवाल यह है कि अगर जांच के आदेश दे दिए गए हैं तो जांच के बिंदु क्या तय किए गए हैं? क्या इसमें पुलिस हिरासत में प्रशांत साहू की मौत के अलावा बाकी लोगों की बर्बरतापूर्ण पिटाई की भी जांच होगी?
5. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उनके साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया है. महिलाओं को भी बुरी तरह से पीटा गया है. कुछ लोगों की हड्डियां टूटने की भी सूचना है. इसी प्रताड़ना की वजह से प्रशांत साहू की मौत हो गई.
सवाल यह है कि प्रशांत साहू की मौत के लिए कितने पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है? क्या इसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश का नाम है? अगर मामला दर्ज हुआ है तो क्या वह हत्या का मामला है? अगर नहीं है तो क्यों नहीं है?
हाईकोर्ट के जज की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कवर्धा छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का गृह ज़िला है. घटना के लिये वे जिम्मेदार है. इस घटना को लेकर सरकार और प्रशासन दोनों की भूमिका संदिग्ध रही है. प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है. इसका प्रमाण तो सरकार ने खुद कलेक्टर और एसपी को हटाकर दे दिया. लेकिन सरकार अभी भी मानों सो रही है. या गृहमंत्री की धमकियों से सब डरे हुए हैं. हमें ग्रामीणों ने बताया है कि किस तरह से गृहमंत्री किस तरह से ग्रामीणों और बंदी बनाए गए लोगों के रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. ऐसे में इंसाफ की उम्मीद तो बहुत कम दिखाई देती है. गृहमंत्री मृतक बच्ची को धमकाते हैं. वह बच्ची अपने पिता के इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है. प्रदेश कांग्रेस उस बच्ची के साथ हैं. हम घटना की हाईकोर्ट के जज की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग करते हैं. साथ ही प्रशांत साहू के हत्यारों के खिलाफ एफआईआर होना चाहिये.
निर्दोषों पर कार्रवाई क्यों: धनेंद्र साहू
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि बलौदाबाजार और लोहरीडीह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इतने दिन बीत गया है. लंबा समय हो गया इस घटना को लेकिन आज भी निर्दोष सतनामी समाज के लोग जेल के अंदर है. लोहारीडीह घटना से पूरे गांव मे भय का माहौल है. जो जेल के अंदर हैं, उनके ऊपर क्या-क्या धाराएं लगाई गयी हैं. यह अभी भी साफ नहीं है. सरकार मामले को दबाने में लगी हुयी है. अगर पुलिस ने खुदकुशी के रूप में करने की कोशिश नही की होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नही होती. लोगो को गुस्सा इसी बात से था. उसके चेहरे और शरीर में चोट है. उसको पुलिस खुदकुशी का मामला बना रही है. पुलिस वहां मौजूद थी है और एसपी और पूरे स्टाफ को लाईन अटैच किया गया. कलेक्टर को हटाया जाता है. उनके खिलाफ जुर्म दर्ज किया जाना चाहिये. मगर निर्दोष लोगों के ऊपर कार्यवाही की जा रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb