आस्था की आड़ में नशे का धंधा, साधु के भेष में निकला गांजा तस्कर, पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बालाजी और सुदर्शन को किया गिरफ्तार
Drug trade under the guise of faith, ganja smuggler disguised as a saint, police raided and arrested accused Balaji and Sudarshan
रायगढ़ : कपड़े से कोई साधु नहीं बनता” पुसौर में हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस कहावत को बिल्कुल सही साबित कर दिया. पुलिस ने सोमवार को दो ऐसे तस्करों को गिरफ्तार किया. गांजा बेचने ग्राहक की तलाश में घूम रहे दो तस्करों को रंगेहाथ धर दबोचा. साधु वेशधारी इन दोनों आरोपियों से करीब चार किलो गांजा बरामद हुआ है. आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत अपराध दर्ज करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 8 अप्रैल की दोपहर ग्राम पुसौर के तीन तराई तालाब के पास एक यामाहा बाइक नंबर UP 85 BW 6661 खड़ी थी. दो व्यक्ति व्यक्ति साधु का भेष में, रुद्राक्ष की माला और माथे पर टीका लगाए खड़े थे. देखने वाला यही समझे कि कोई साधु-द्वय शायद किसी तीर्थ पर निकले हैं. लेकिन असल मकसद गांजा बेचना था. जो साधु का भेष धर कर गांजा बेचने की फिराक में थे.
इसकी खबर पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर को मुखबीर से मिली. पुसौर पुलिस ने मुखबिर की खबर पर कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई की. पुसौर पुलिस की एक टीम सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल हमराह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर संदिग्धों को दबोच लिया. तलाशी में दोनों के पास से थैले में भरा हुआ कुल चार किलो गांजा मिला, जिसे लेकर वे कोई वैध दस्तावेज नहीं पेश कर पाए.
गिरफ्तार आरोपियों में पहला - बालाजी थनापति, पिता शंकर थनापति, उम्र 32 साल, निवासी सोनारीबेनी थाना सुबलिया, जिला सोनपुर (ओडिशा) और दूसरा - सुदर्शन दास, पिता भगवान दास, उम्र 32 साल, निवासी बशीवट थाना वृंदावन, जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं.
दोनों तस्करों के खिलाफ थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 86/2025 दर्ज करते हुए 4 किलो अवैध गांजा ₹40,000 और जुर्म में इस्तेमाल यामाहा मोटरसाइकिल (कीमत ₹1,50,000) कुल संपत्ति ₹1,90,000 की जप्त कर जुर्ममें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है.
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक आकाश शुक्ला के मार्गदर्शन पर इस कामयाब कार्रवाई में निरीक्षक रामकिंकर यादव, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, उमाशंकर नायक, प्रधान आरक्षक कल्याण कंवर, आरक्षक तारिक अनवर और महेश चौहान की अहम भूमिका रही.
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