अश्लील पार्टियों से रंगीन राजधानी की शाम, वाट्सएप पर ग्राहकों से सौदेबाजी कर रहे दलाल, केटलाग दिखाकर लड़कियों की बुकिंग!

Evenings in the capital coloured with obscene parties, brokers bargaining with customers on WhatsApp, booking girls by showing catalogue!

अश्लील पार्टियों से रंगीन राजधानी की शाम, वाट्सएप पर ग्राहकों से सौदेबाजी कर रहे दलाल, केटलाग दिखाकर लड़कियों की बुकिंग!

रायपुर : जिस्म की मंडी बने रायपुर के सभी फ़ाइव स्टार होटल छोटे-मोटे होटल वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए जिस्म का सौदा लड़कियों की फ़ोटो दिखाने के बाद पसंद होने के बाद संबंधित होटल में दलालों द्वारा लड़कियों को पहुंचाया जाता है. रायपुर शहर के आस पास करीब 15 सौ होटल या गेस्ट हाउस में जिस्म के इस धंधे में शामिल है और कऱीब 3 हजार लड़कियों के दलाल वॉट्सऐप के जरिए रायपुर, भिलाई दुर्ग से सालों से जुड़े हुए हैं.
एक सर्वे के मुताबिक इस बात का ख़ुलासा हुआ शनिवार, रविवार, सोमवार को 3 दिन लगातार छत्तीसगढ़ की सभी शहरों की होटले बुक होती हैं. रायपुर शहर में करीब ऑनलाइन बुकिंग हज़ार 15 सौ रुपए में रुम की होती है. जिसमें ज्यादातर रुम लड़कीबाजी जिस्म के सौदे के लिए किए जाते हैं. और तीन दिन कम से कम होने की ऑनलाइन में देखने को मिली है.
रायपुर चर्चित होटले भी इस धंधे से अछूती नहीं है. VIP रोड जिसमें प्रमुख है. स्टेशन रोड पार्टी बंद और पचपेड़ी नाका की होटले भी दाम खुलकर लड़की के दलाल लोग लेते हैं. शुक्रवार की शाम से शुरु होकर सोमवार तक सुबह तक रायपुर में अमरीका के लास वेगस से भी ज़्यादा रंग रंगीलियां मनाई जाती है. कई बार पुलिस ने कार्रवाई कर सभी होटलों से नंगी पार्टी और जिस्मफरोशी के धंधा को पकड़ा है.
सौरभ चंद्राकर औऱ रवि उप्पल ने छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ होटल कारोबारियों को एसा ऑनलाइन सट्टा का जहर चटा दिया कि उसका असर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. साथ ही होटलों में एक नया गेम शुरु हो गया है. और वो है देह व्यापार का. होटल वाले फड़ जमाने के साथ शराब और सिगरेट-बिड़ी पान गुटखा का तो सप्लाई करते हैं. जहां वेटर के बजाय कमसीन लड़कियों को जुआरियों की फड़ तक पानी चाय नाश्ता लेकर भेजा जाता है. इसी दौरान किसी दिलफेंक जुआरी का दिल किसी बाला पर आ जाए तो रुम भी उपलब्ध कर दिया जाता है. इस सुविधा के बदले होटल वाले मुंह मांगा चार्ज लेते हैं. और शौकीनों से बड़ी कीमत वसूलते हैं. पिछले दिनों अंबिकापुर में पुलिस ने आनलाइन सट्टा लगाने वाले चार सटोरियों को पकड़ा था. प्रदेश के आखिरी छोर में जब सट्टा जमकर चल सकता है. तो राजधानी सहित आसपास तो फलफूल ही रहा है अनुमान लगाया जा सकता है.
नया ट्रेंडिंग क्लब के नाम से चल रहा खेल होटलों में जुआ के खिलाफ पुलिस की बढ़ती सख्ती के बाद जुआरियों और होटल संचालकों मे जुआ खेलने वाले बड़े खिलाडिय़ों ने राजधानी में एक सिंडिकेट बना रखा है. जिसे नया ट्रेंडिंग क्लब जैसे नाम दे रखा है. अब जुआ खेलने के लिए किसी फॉर्म हाउस, मैदान या खुली जगह के बजाय महंगे होटलों के कमरे बुक किए जा रहे हैं. ताकि पुलिस को कोई शक भी न हो और लाखों का खेल चलता रहे. जुआ खेलने के लिए कमरा होटल के मैनेजर या वहां के पुराने कर्मचारी की मदद से लिया जा रहा है. इसके लिए कमरे का किराया करीब दोगुना दिया जा रहा है. होटलों में जुआरी पहले से बताते हैं कि कमरे में 10-15 लोग रहेंगे। आमतौर पर रात भर के लिए ही कमरा बुक किया जाता है. लेकिन इसकी इंट्री रजिस्टर में नहीं की जाती है. बताया जा रहा है कि कई बार होटल संचालक के फोन पर कमरा बुक होता है. क्योंकि रसूखदारों की सीधे भी उनसे पहचान होती है.
छत्तीसगढ़ पुलिस ने पिछले साल ऑनलाइन सट्टा कारोबार के कई रैकेट का खुलासा किया था. कई गिरफ्तारियां हुई. लेकिन आरोपियों को थाने से जमानत मिल जाती थी. इन सबको ध्यान में रखते हुए कानून बनाया गया था. पुलिस विभाग से यह भी जानकारी मिली थी कि पुराने जुआ अधिनियम में ऑनलाइन सट्टे को लेकर कोई प्रावधान नहीं है. यह अपराध संज्ञेय और जमानती श्रेणी का है. ऐसे में आरोपी आसानी से जमानत पा जाते हैं. उसके बाद ऑनलाइन जुआ की रोकथाम के लिए प्रभावी कानून बनाने के लिए विधेयक भी पारित की गई थी लेकिन हाल जस का तस.
नये विधेयक में जुआ घर की परिभाषा मे ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म शब्द जोड़ा गया है. जुआ के उपकरण की परिभाषा मे ऑनलाइन जुआ से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल एप, इलेक्ट्रोनिक ट्रांसफर ऑफ फंडस शब्द जोड़े गये हैं. पुराने कानून में ऑनलाइन जुआ के लिए दण्ड का कोई प्रावधान नहीं था. वर्तमान मे ऑनलाइन जुआ के लिए अलग से दण्ड का प्रावधान किया गया है. जिसमे एक से तीन साल के कारावास और पचास हजार से पांच लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. दूसरी बार ऐसे अपराध में पकड़े जाने पर दो साल से सात साल तक जेल और एक लाख से दस लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध विधेयक-2022 में जुआरियों के लिए छ: महीने तक की सजा और तीन हजार से दस हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. पुराने कानून में इसके लिए चार महीने की जेल और 100 रुपए जुर्माने का प्रावधान था. जो व्यक्ति जुआ घर में पाया जाएगा। उसके लिए पुराने कानून में 500 रुपए तक के जुर्माने या चार महीने की जेल का प्रावधान था. अब ऐसे लोगों को छह महीने की जेल और 10 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन जुआ खेलने के लिए खाता उपलब्ध कराने पर भी सजा का प्रावधान हो गया है. गिरफ्तार किए गए लोगों ने अगर गलत नाम-पता बताया तो अभी तक चार महीने की जेल का प्रावधान था.
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