आत्मरक्षा प्रशिक्षक से 10 हजार रिश्वत मांगने वाले कमीशनखोर प्राचार्य और प्रधानपाठक पर गिरी निलंबन की गाज, आदेश जारी

The punishment of suspension fell on the commissioned principal and headmaster who demanded bribe of Rs 10 thousand from the self defense instructor order issued

आत्मरक्षा प्रशिक्षक से 10 हजार रिश्वत मांगने वाले कमीशनखोर प्राचार्य और प्रधानपाठक पर गिरी निलंबन की गाज, आदेश जारी

कोरबा : कोरबा के करतला विकासखंड के कोथारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य और पूर्व माध्यमिक शासकीय विद्यालय के प्रधानपाठक पर कमीशनखोरी का आरोप लगा था. इस मामले में 10 हजार रुपए कमीशन मांगने वाले प्राचार्य और प्रधान पाठक को सस्पेंड कर दिया गया है. दोनो के खिलाफ ऑडियो और वीडियो के साथ शिकायत हुई थी. यह कार्रवाई शिकायत की जांच के बाद की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा जिले के स्कूलों में केन्द्रीय रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया था. इस प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षक को 30 हजार रुपए का भुगतान करने का प्रावधान है.
कोरबा जिले के करतला विकास खंड के शास. उ. मा. विद्यालय कोथारी और शास. पूर्व माध्य. विद्यालय कोथारी में भी 3 महीने का प्रशिक्षण दिया गया था. प्रशिक्षण के बाद शास. उ.मा. विद्यालय कोथारी के प्राचार्य कमल नारायण भारद्वाज और शास. पूर्व माध्य. विद्यालय कोथारी के प्रधान पाठक तुलाराम भारद्वाज ने प्रशिक्षक शिकायतकर्ता करण बरेठ के खाते में रु. 5000/- (पांच हजार) हर महीने की दर से 3 महीने की कुल राशि 30,000/- (तीस हजार रुपये) भुगतान कर दिया. इसके बाद प्राचार्य और प्रधान पाठक ने भुगतान राशि में से 10,000/- (दस हजार रु.) कमीशन तौर पर मांग किया गया.
आनाकानी करने पर प्राचार्य और प्रधान पाठक ने प्रशिक्षक पर दबाव बनाने लगा. दोनो के दबाव से परेशान होकर शिकायतकर्ता करण बरेठ ने बातचीत का ऑडियो और वीडियो बना लिया और शिकायत कर दी. जांच में ऑडियो क्लीप, वीडियो क्लीप और फोटोग्राफ देखने से ऑडियो में आवाज प्राचार्य की और वीडियो में प्रधान पाठक का फुटेज और आवाज साफ हो गया.
जांच के बाद कमल नारायण भारद्वाज, प्राचार्य, शास. उ.मा. विद्यालय कोथारी वि.खं. करतला जिला कोरबा और तुलाराम भारद्वाज, प्रधान पाठक, शास. पूर्व माध्य. विद्यालय कोथारी वि.खं. करतला जिला कोरबा का कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत कदाचार की श्रेणी में पाया गया.
जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद कमल नारायण भारद्वाज, प्राचार्य, शास. उ. मा. विद्यालय कोथारी वि.खं. करतला जिला कोरबा एवं तुलाराम भारद्वाज, प्रधान पाठक, शास. पूर्व माध्य. विद्यालय कोथारी वि.खं. करतला जिला कोरबा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला कोरबा नियत किया गया है. इस दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी.
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