राजिम कुंभ में भक्ति कम-भ्रष्टाचार का शोर ज्यादा, मेले के दौरान शराब दुकान बंद करने व धान खरीदी की आख़री तारीख बढ़ाने की मांग -पूर्व विधायक शुक्ल

There is less devotion and more noise about corruption in Rajim Kumbh, demand to close liquor shops during the fair and extend the last date for paddy purchase - Former MLA Shukla

राजिम कुंभ में भक्ति कम-भ्रष्टाचार का शोर ज्यादा, मेले के दौरान शराब दुकान बंद करने व धान खरीदी की आख़री तारीख बढ़ाने की मांग -पूर्व विधायक शुक्ल

गरियाबंद/राजिम : छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 के शुरु होने में महज कुछ ही घंटे बचे हैं. लेकिन जमीन पर तैयारियों की जगह सिर्फ सियासी घमासान और प्रशासनिक लापरवाही नजर आ रही है. पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है.
राजिम कुंभ कल्प में आस्था या शराब का बोलबाला?
अमितेश शुक्ल ने सीधे मुख्यमंत्री और प्रशासन पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या यह कुंभ है या कुछ और? उन्होंने कहा कि हमारी सरकार (कांग्रेस) के समय 15 दिनों तक शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहती थीं ताकि मेले की पवित्रता बनी रहे. लेकिन इस बार प्रशासन मौन है. क्या सरकार श्रद्धालुओं के बजाय शराब प्रेमियों का स्वागत करना चाहती है?
मीना बाजार और टेंडर का खेल जनता की जेब पर डाका?
मीना बाजार के ठेके की आती है. शुक्ल ने आरोप लगाया है कि इस बार मीना बाजार का ठेका कौड़ियों के भाव देने का दावा करने वाली सरकार सोने के भाव पर दे रही है.
सवाल क्या महंगे टेंडर का बोझ आम जनता और बच्चों के झूलों पर पड़ेगा?
संदेह क्या इस महंगे ठेके के पीछे किसी खास को फायदा पहुंचाने की सेटिंग है?

धान खरीदी में 27 करोड़ का सुखत घोटाला
अमितेश शुक्ल यहीं नहीं रुके. उन्होंने कुंडेल भाठा धान खरीदी केंद्र का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए बताया कि पिछले साल 88 हजार क्विंटल धान को सुखत बता दिया गया.
88 हजार क्विंटल धान गायब होना मतलब सीधे 27 करोड़ रुपये की चपत, सरकार की नाक के नीचे इतना बड़ा खेल हो गया और अधिकारी चैन की बंशी बजा रहे हैं. 

प्रशासन की कछुआ चाल और भाजपा का नाम बदलो अभियान
अमितेश शुक्ल ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने राजिम माघी पुन्नी मेला का नाम बदलकर कुंभ कल्प तो कर दिया. लेकिन उसकी भव्यता को खत्म कर दिया है. मेले की तैयारी इतनी धीमी है कि लग रहा है प्रशासन उद्घाटन के दिन भी झाड़ू ही लगाता रहेगा. राजिम कुंभ कल्प मेले की धीमी तैयारी और शराब दुकान बंदी को लेकर पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने सरकार को घेरा.

भाजपा की उपलब्धि, शराब बेचने में राज्य सबसे आगे
राजिम कुंभ कल्प मेले के आगाज से पहले जिले की सियासत गरमा गई है. पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने शराब दुकान बंदी, मीना बाजार टेंडर और 27 करोड़ के धान घोटाले को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर शराब बिक्री को लेकर भी सवाल खड़े किए है. उन्होंने कहा कि भरतीय जनता पार्टी के कार्यकाल शराब बिक्री को लेकर ही विकास हुआ है. और प्रदेश को इसमें सबसे ज्यादा शराब बेचने में उपलब्धि मिली है.

 धान खरीदी की आख़री तारीख बढ़ाई जानी चाहिए
अमितेश शुक्ल ने कहा कि अव्यवस्था के चलते किसान परेशान हैं. और धान खरीदी की आख़री तारीख बढ़ाई जानी चाहिए. ताकि किसानों को राहत मिल सके. कहा कि किसानों के टोकन नहीं कट रहे हैं. किसान अपनी पूरे धान को बेच नहीं पा रहे हैं. आरोप लगाया कि जो लक्ष्य तय किए गए थे. उसे भी पूरा नहीं किए जा सके हैं.
गौरतलब है कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी तक आयोजन होना है. लेकिन आयोजन से पहले ही उठ रहे ये सवाल प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बनते नजर आ रहे हैं.
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