अस्पताल में भर्ती अमित को डॉक्टर से सवाल करना पड़ा भारी, डॉक्टर ने जड़ दिया तमाचा, पत्नी को भी दिया धक्का, वीडियो वायरल, जांच के आदेश
Amit admitted in hospital had to pay a heavy price for questioning the doctor the doctor slapped him also pushed his wife video went viral investigation ordered
रायपुर : प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हालत कब सुधरेगी शायद इसका जवाब अब किसी के पास नहीं है. बता दें प्रदेश के सरकारी अस्पतालों से कभी मरीजों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की खबर आती हैं तो कभी ठीक ढंग से इलाज नहीं होने का आरोप लगता है. जिसे देखकर तो यही लगता है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के अलावा सब कुछ होता है. वही एक ताजा मामला राजधानी रायपुर में स्थित एम्स अस्पताल का सामने आया है. जहां एक बिलासपुर निवासी एक मरीज के साथ एम्स के डॉक्टरों के द्वारा मारपीट करने का आरोप लगा है. जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर जिले के रेलवे कॉलोनी में रहने वाला अमित ख़ुरसैल के कंधे का ऑपरेशन होना था. जिसे देखते हुए उसे मंगलवार को रायपुर एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया था. जिसके बाद बुधवार की सुबह करीब 8 बजे अमित को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया. जिसका ऑपरेशन होने के बाद उसे शाम में 6 बजे वार्ड में शिफ्ट किया गया. वही जब मरीज को होश आया तो उसके सर में दर्द था. जिसके बाद उसने इस बात की जानकारी अपनी पत्नी को दी.
वही जब मरीज की पत्नी से उसके सर को छू के देखा तो उसके सर में सूजन थी. जैसे कोई मारा हो. जिसे देखते हुए वार्ड में ड्यूटी कर रहे एम्स स्टाफ को इस बात की जानकारी दी गई. तो उन्होंने कहा कि हम कुछ नहीं बता पाएंगे ऑपरेशन थिएटर में जो डॉक्टर है वही बता पाएंगे.
वही रात करीब 11 बजे डॉक्टर जब मरीज के पास पहुंचे तो मरीज ने कहा कि सर मेरे हाथ का ऑपरेशन हुआ है लेकिन मेरे सर में दर्द है. ऐसा लग रहा है जैसे कोई मारा है या खींचा है तो डॉक्टर ने कहा तुम्हारे कहने का मतलब क्या है ऑपरेशन थियेटर हमें तुमको मार रहे थे कहते हुए मरीज को दो से तीन झापड़ जड़ दिया. एम्स हॉस्पिटल में भर्ती मरीज अमित का ये भी आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी पत्नी को भी धक्का दे दिया. और पूरा स्टाफ डॉक्टर का ही साथ दे रहा था.
रायपुर एम्स के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदाल ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं. एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. जल्द ही रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
लेफ्टिनेंट जनरल जिंदाल ने कहा कि घटना जिस जगह हुई है. वहां मौजूद सारे लोगों के बयान किये जायेंगे. पूछताछ में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसके हिसाब से आगे कार्रवाई की जाएगी. डॉक्टर दोषी होगा तो डॉक्टर पर भी कार्रवाई की जाएगी. वायरल वीडियो के बाद से अस्पताल में हालात तनावपूर्ण हो गए थे. बताया जा रहा है कि मरीज के करीब 10 परिजन डॉक्टर से मारपीट करने के लिए आ रहे थे. लेकिन सुरक्षा गार्डों ने हालात को कंट्रोल में कर लिया. अब अस्पताल प्रशासन ने CCTV फुटेज निकालकर मामले की जांच शुरु कर दी है.
प्रदेश में सिर्फ एक ही एम्स अस्पताल है. जहां लोग बेहतर इलाज होने का भरोसा लेकर आते हैं लेकिन जब एम्स के डॉक्टर ही मरीजों से ऐसा बर्ताव करेंगे. तो एम्स प्रबन्धन पर सवाल उठाना तो लाजमी है.
भले ही सरकार गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के लिए कई स्वास्थ्य योजना चला रही है. जिससे लोगों को बेहतर इलाज मिल सके. लेकिन सरकारी अस्पतालो की हालत में पूरी तरह सुधार नहीं आ पाया है. जिसके चलते ही पैसे की तंगी होने के बावजूद लोग निजी अस्पताल में इलाज कराने मजबूर हैं. हां उन्हें यहां भी सरकारी योजनाओं का फायदा मिलता है. जिससे उन्हें काफी राहत मिलती है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर प्रदेश में संचालित होने वाले सरकारी अस्पतालों की सुविधा में सुधार और मेडिकल स्टाफ के बर्ताव में नर्मी कब आएगी? जिससे मरीज निसंदेह अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में करवा पाएंगे. और उन्हें बेहतर इलाज मिल सकेगा?
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