दो भाइयों ने एक ही दुल्हन से रचाई शादी, एक ही लड़की संग लिए दोनों ने सात फेरे, अनूठी शादी की हर तरफ हो रही चर्चा, वीडियो वायरल

Two brothers married the same bride, both took seven vows with the same girl, the unique wedding is being discussed everywhere, video goes viral

दो भाइयों ने एक ही दुल्हन से रचाई शादी, एक ही लड़की संग लिए दोनों ने सात फेरे, अनूठी शादी की हर तरफ हो रही चर्चा, वीडियो वायरल

सिरमौर : हिमाचल के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में सुनीता चौहान ने दो सगे भाइयों कपिल और प्रदीप से विवाह कर प्राचीन बहुपति प्रथा को पुनर्जीवित किया है. यह शादी हाटी समाज की परंपरा 'उजला पक्ष' के तहत हुई है. विवाह में गांव वालों ने भी भाग लिया. यह परंपरा संपत्ति के बंटवारे को रोकती है और संयुक्त परिवार को बढ़ावा देती है.
इस प्रथा का सबसे पुराना उदाहरण महाभारत में मिलता है, जहाँ द्रौपदी का विवाह पांच पांडवों से हुआ था. पांच पांडव भाइयों की भी एक पत्नी थी. ये लोग भी ऐसा कर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हैं.
जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र में बहुपति के साथ बहुपत्नी की प्रथा भी सदियों पुरानी है. कई ऐसे मामले हैं, जब व्यक्ति ने पत्नी की सगी बहनों से भी शादी कर ली है। ऐसा तब ज्यादा हुआ है, जब महिला को बच्चा न हो तो व्यक्ति उसकी बहन से शादी कर लेता है. दूसरी शादी कर वह पहली पत्नी को नहीं छोड़ता, बल्कि उसे भी साथ ही रखता है.
केंद्र सरकार को भेजे गए दस्तावेजों में बहु पत्नी प्रथा तथा बहु पति प्रथा के दस्तावेज भी लगाए गए थे. सदियों से चली आ रही इस बहुपति प्रथा में पहले एक भाई एक महिला से शादी करता था. कुछ समय बाद दूसरा भाई भी इस महिला से शादी कर लेता था. कई बार तो तीसरा भाई भी इस महिला से शादी कर लेता था. गिरीपार क्षेत्र में आज भी सैकड़ों ऐसे परिवार हैं, जिनकी एक व्यक्ति की दो या तीन पत्नियों तथा एक महिला के दो या तीन पति हैं.
हालांकि, सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि समय के साथ समाज में बदलाव आ चुका है, और सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवती इस अनोखी शादी के लिए कैसे राजी हुई.
यह विवाह 12 से 14 जुलाई के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ.  दोनों दूल्हे पढ़े-लिखे हैं. एक भाई प्रदीप हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में कार्यरत है. जबकि कपिल विदेश में नौकरी करता है. इस विवाह ने इलाके में नई चर्चा को जन्म दे दिया है. बहुपति प्रथा सिरमौर जिले के गिरीपार क्षेत्र की एक ऐतिहासिक परंपरा रही है.
इसका असल मकसद संयुक्त परिवार की संरचना को बनाए रखना और संपत्ति के बंटवारे से बचाव करना है. इस प्रथा को यहां 'जोड़ीदार प्रथा' भी कहा जाता है. खास बात यह है कि इसे हिमाचल प्रदेश में कानूनी मान्यता प्राप्त है, इसलिए समाज इसे बुरा नहीं मानता. यह विवाह एक सामाजिक संदेश के रुप में भी देखा जा रहा है. जो परंपरा, संस्कृति और समाज में संतुलन की तरफ इशारा करता है. वहीं, किन्नौर, लाहौल और स्पीति जैसे अन्य पर्वतीय जिलों में भी यह परंपरा किसी न किसी रुप में अब भी जीवित है.
शादी के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. शादी में परिवार और गांव के कई लोग शामिल हुए. तीन दिन तक चली इस शादी में ढोल-नगाड़ों के साथ वीडियो शूटिंग भी की गई.
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