CBI द्वारा गिरफ्तार DRM सौरभ जगदलपुर रेल लाइन में हो रहे काम के एवज में ले रहे थे रिश्वत, मुंबई दौरे में मिली रकम और टीम ने मौके पर किया ट्रैप

DRM Saurabh arrested by CBI was taking bribe in lieu of work being done in Jagdalpur railway line money was received during Mumbai tour and the team trapped him on the spot

CBI द्वारा गिरफ्तार DRM सौरभ जगदलपुर रेल लाइन में हो रहे काम के एवज में ले रहे थे रिश्वत, मुंबई दौरे में मिली रकम और टीम ने मौके पर किया ट्रैप

विशाखपटनम : CBI ने दो दिन पहले ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECR) के वाल्टेयर डिवीजन के मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) सौरभ प्रसाद और दो अन्य को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया था. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर बस्तर इलाके में किये जा रहे काम में गड़बड़ी को लेकर लगाए गए भारी-भरकम जुर्माने की राशि को कम करने और रोकी गई रकम का भुगतान करने के एवज में DRM ने रिश्वत ली और ट्रैप हो गए.
छत्तीसगढ़ में चल रहे रेल लाइन के काम से जुड़ा है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक किरंदुल-कोत्तावालसा (केके) रेललाइन दोहरीकरण परियोजना पर काम बस्तर में चल रहा है. इसके अंतर्गत अभी तक ओडिशा के जैपुर से दंतेवाड़ा के किरंदुल तक 220 किलोमीटर के हिस्से में से करीब 180 किलोमीटर लाइन का दोहरीकरण काम पूरा हो चुका है. बता दें कि जगदलपुर से किरंदुल तक का इलाका ईस्ट कोस्ट रेलवे के वाल्टेयर डिवीजन के अंतर्गत आता है.
काम में देरी के चलते हुआ भारी भरकम जुर्माना
दरअसल कोत्तावालसा-कोरापुट-किरंदुल (केके) लाइन के बीच दोहरीकरण के काम में काफी देरी हुई. जिसके चलते यह काम कर रहे दो ठेका फर्मों ठेकेदार डीएन मार्केटिंग और पुणे स्थित एचआरके सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर भारी भरकम जुर्माना लगाया गया था. साथ ही इनका 3.17 करोड़ का बिल रोक दिया गया.
जगदलपुर दौरे पर आए थे DRM सौरभ
जानकारी मिली है कि DRM सौरभ कुमार इस डील के दौरान ही जगदलपुर के दौरे पर आए थे और यहां हो रहे कामकाज का निरीक्षण भी किया. इसके बाद फर्मों के मालिक राठौड़ और भगत ने कथित तौर पर प्रसाद से संपर्क किया. जिन्होंने जुर्माना की रकम कम करने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी. आरोप है कि मामले में आरोपी डीआरएम के दखल के बाद फर्मों पर कम जुर्माना लगाया गया और निजी कंपनी का बिल मंजूर कर दिया गया. बिल मंजूर करने के लिए मुंबई स्थित निजी कंपनी के आरोपी मालिक (राठौड़) ने 16 नवंबर को मुंबई दौरे के दौरान आरोपी डीआरएम को 25 लाख रुपये की रिश्वत देने की व्यवस्था की. इसके बाद 16.11.2024 को मुंबई दौरे के दौरान आरोपी डीआरएम को 25 लाख रुपये दिए गए.
इस दौरान सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी डीआरएम तथा मुम्बई स्थित निजी फर्म के आरोपी मालिक को 25 लाख रुपये के अनुचित लाभ के लेन-देन के दौरान पकड़ लिया. इसके बाद पुणे स्थित एक अन्य निजी फर्म के आरोपी मालिक को भी गिरफ्तार किया गया.
DRM के निवास से लाखों नगदी और विदेशी मुद्रा बरामद
इसके बाद आरोपियों के परिसरों की तलाशी ली गई. जिसमें विशाखापत्तनम में आरोपी डीआरएम के परिसर से 87.60 लाख रुपये की भारतीय और विदेशी मुद्रा बरामद हुई. इसके अलावा करीब 72 लाख रुपये मूल्य के जेवरात और कल्याण में एक फ्लैट में किए गए निवेश, लॉकर की चाबी और आरोपी लोक सेवक के बैंक बैलेंस समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए.
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