धान खरीदी में देरी भाजपा सरकार की नाकामी, किसानों के साथ धोखा -ओंकार साहू, चौकीदार दावा खोखला -शैलेश पांडेय, राहुल ने दिल्ली में ली क्लास
Delay in paddy procurement is failure of BJP government betrayal of farmers Omkar Sahu Chowkidar claims hollow Shailesh Pandey Rahul took class in Delhi
धान खरीदी में देरी भाजपा सरकार की नाकामी, किसानों के साथ धोखा -ओंकार साहू
धमतरी : धमतरी विधायक ओंकार साहू ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार तब धान खरीदी 1 नवंबर को शुरु हो जाती थी. जिससे किसान फसलों के रखरखाव, बेमौसम बरसात की वजह से फसल बर्बादी के संकट और आर्थिक जोखिम से बच जाते थे और किसानों को धान बेचते ही फौरन पैसा मिल जाता था. कांग्रेस के शासनकाल में किसान बहुत खुश थे. लेकिन आज किसान विरोधी भाजपा सरकार के आने से धान खरीदी की समय को 1 नवंबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दिया गया है. जो किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. किसान धान खरीदी में देरी को लेकर गुस्सा हैं. क्योंकि आगामी एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ की किसानो का फसल कटना शुरु हो जाएगी. इस महीने भर के देरी के बीच में किसान धान बेचने के लिए सरकार का मुँह ताकते रह जाएंगे. साथ में किसानो के पास रखरखाव और कर्ज की समस्या खड़ी हो जाएगी. इससे उन्हे सोसायटी में धान बेचने के लिए तीन गुना बोझ पड़ेगा. इस तरह भाजपा सरकार में 1 नवंबर को धान खरीदी ना कर पाना भाजपा सरकार की नाकामी है.
उन्होंने कहा कि अगर धान खरीदी 1 नवंबर को होती तो कर्ज में डूबे किसानों का ब्याज का भार कम होता क्योंकि छत्तीसगढ़ का ज्यादातर किसान कर्ज लेकर ही किसानी करता है. दूसरी बात अगर 15 नवम्बर को धान खरीदी होगी तो सोसाइटी में धान की आवक बढ़ जाएगी. जिससे किसानो को धान बेचने के लिये लम्बे दिनों का इंतजार करना पड़ेगा. इस तरह सभी किसान अपना धान सुचारु व सुव्यवस्थित रुप से जल्दी नहीं बेच पाएंगे. किसानो को टोकन के लिए इंतजार करना पड़ेगा. तीसरी बात अभी भाजापा सरकार धान खरीदी के लिए फिर 37 हजार करोड़ का लोन लेने की तैयारी कर रही हैं जो छत्तीसगढ़ की बर्बादी की वजह बनेगी.
धमतरी विधायक ओंकार साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा भाजपा की डबल इंजन की सरकार ढकोसला है.| कहते हैं भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनेगी तो छत्तीसगढ़ का डबल गति से विकास होगा. मगर छत्तीसगढ़ का विकास तो हो नहीं रहा. लेकिन भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ को कर्ज में जरुर डूबाया जा रहा है.
ओंकार साहू ने कहा अगर छत्तीसगढ़ में भाजपा की डबल इंजन की सरकार होती तो भाजपा सरकार लोन लेकर छत्तीसगढ़ को कर्ज में डुबाने के बजाय केंद्र सरकार से धान खरीदी के लिए विशेष पैकेज की मांग करती. इस तरह भाजपा सरकार को लोन लेने की जरुरत नहीं पड़ती.
धमतरी विधायक ओंकार साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार से सवाल करता हूं कि क्या विष्णु देव सरकार के पास केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ के धान खरीदी के लिए विशेष पैकेज की मांग करने की क्षमता नहीं है? क्या विष्णु देव सरकार छत्तीसगढ़ को सिर्फ कर्ज में डुबाने के बारे में सोच रहे हैं. धमतरी विधायक ओंकार साहू ने मीडिया के साथियों से अपील करते हुए कहा मेरे इस सवाल को विष्णु देव सरकार के सामने प्रबलता से जरुर रखें.
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बिलासपुर में चोरों का आतंक, विधायक का चौकीदार दावा खोखला -शैलेश पांडेय
बिलासपुर : बिलासपुर शहर के पूर्व कांग्रेसी विधायक शैलेश पांडेय लगातार अपनी प्रेस विज्ञप्ति के जरिए शहर विधायक अमर अग्रवाल पर तंज कर गंभीर सवाल कर रहे हैं. लेकिन तमाम आरोपों पर विधायक अमर अग्रवाल का कोई भी बयान सामने नहीं आ रहा है. इस बार शैलेश पांडे ने शहर में हो रही चोरियों की वारदात को लेकर अमर अग्रवाल को कटघरे में खड़ा किया है.
बिलासपुर में हाल के दिनों में चोरियों की वारदातें तेजी से बढ़ रही हैं. दुर्गा पूजा के दौरान लोग झांकी देखने जाते हैं. और चोर उनके सूने घरों को निशाना बना रहे हैं. शहर में चोरों का गैंग सक्रिय है. जो महंगे गहनों, धन और अन्य कीमती सामानों पर हाथ साफ कर रहे हैं. जनता परेशान है और पुलिस से उम्मीद लगाए बैठी है कि कब चोर पकड़े जाएंगे और उनका सामान वापस मिलेगा.
बिलासपुर के विधायक ने हाल ही में खुद को “चौकीदार” कहा था. लेकिन शहर की बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं. शैलेश ने तीखी आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने से जनता सुरक्षित नहीं होगी. पुलिस की पेट्रोलिंग न होने का फायदा उठाकर चोर त्योहारों के समय घरों को लूट रहे हैं. जनता में डर का माहौल है. और सरकार इस समस्या को लेकर उदासीन दिखाई दे रही है.
बिलासपुर के विधायक जी ने अभी पिछले महीने ही बड़ा बयान दिया था कि मैं बिलासपुर का चौकीदार हूं और ये कैसे चौकीदार है जो जनता को लुटवा रहे हैं. डायलॉग बोलने और जनता को झांसा देने से बिलासपुर में सुरक्षा नहीं होने वाला है उसके लिये योजना बनाकर कर काम करने की जरुरत है. सरकार अपने में ही मस्त है और वो अपने उत्सव और सदस्यता में लगी हुई है और इधर बिलासपुर असुरक्षित हो रहा है.
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राहुल की क्लास, भूपेंद्र हुड्डा और उदयभान गैरहाजिर, सैलजा और सुरजेवाला पर सवालिया निशान
दिल्ली : हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की वजह तलाशने में कांग्रेस जुट गई है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास में हुई बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हुए. ख़बरों के मुताबिक राहुल ने कुमारी सैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिए बिना बड़ी बात कही. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नेताओं ने पार्टी की जगह अपना हित देखा.
मीडिया सूत्रों के हवाले से, बैठक में राहुल गांधी ने कहा हरियाणा में नेताओ का इंटरेस्ट ऊपर रहा. पार्टी का इंटरेस्ट नीचे चला गया. राहुल गांधी ने बिना किसी नेता का नाम लिए ये बात कही. वहीं, कांग्रेस नेता अजय माकन ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा है कि नतीजों के बाद हमने समीक्षा बैठक की. सारे एग्जिट पोल हमको जीता रहे थे. हम जीत को लेकर आश्वस्त थे. हमने हार की समीक्षा की. ईवीएम से लेकर नेताओं में मतभेदों पर भी चर्चा हुई. आगे क्या करना है वो जल्दी सामने रखेंगे.
बैठक में राहुल, केसी वेणुगोपाल, पर्यवेक्षक अजय माकन, अशोक गहलोत मौजूद रहे. कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला को नहीं बुलाया गया था. वहीं भूपेंद्र हुड्डा और उदयभान का लिस्ट में नाम था. लेकिन वो दोनों नहीं आए. ये साफ नहीं है कि उनको रोक दिया गया या खुद नहीं आए या फिर फोन पर ही उनसे जानकारी ली गई.
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हार के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति बनाएगी. कमेटी ये पता करेगी कि उसे चुनाव में क्यों और कैसे हार मिली. समिति में कौन-कौन होगा. इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
कांग्रेस हार के लिए EVM को जिम्मेदार बता रही है. पार्टी के नेता उदयभान ने कहा है कि ईवीएम हैक की गई. पूरे प्रदेश को शक हो रहा है. मशीनों को सील करवाया जाएगा. दूध का दूध पानी का पानी होना चाहिए. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा का नतीजा हैरान करने वाला है. हर आदमी देश में कह रहा था कि कांग्रेस सरकार बनाने वाली है. हम हर सर्वे में आगे थे. लेकिन जो नतीजे आए वो हैरान करते हैं.
ईवीएम को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को चुनाव आयोग को अवगत भी कराया था और जांच की मांग की थी. मुख्य विपक्षी दल के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से यह आग्रह भी किया था कि उन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को जांच पूरी होने तक सील करके सुरक्षित रखा जाए. जिनको लेकर सवाल उठे हैं.
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