एक ही परिवार के पांच लोगों का कत्ल, प्रोफेशनल शूटर्स ने घटना को दिया अंजाम, सभी को मारी दे-दो गोली, हथियार बरामदगी के सवाल से उलझा मामला
Murder of five people of the same family professional shooters carried out the incident kill everyone two bullets case complicated by the question of weapon recovery
वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पांच लोगों की हत्या से काशी दहल गई. वाराणसी में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या की गुत्थी सुलझने की बजाय और उलझती जा रही है. शहर के भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी इलाके में रहने वाले गुप्ता परिवार के चार सदस्यों- पत्नी, दो बेटों और एक बेटी की हत्या के बाद ऐसा लग रहा था कि 'हत्यारा' कोई और नहीं बल्कि परिवार का मुखिया राजेंद्र गुप्ता ही है. लेकिन कुछ ही घंटों बाद राजेंद्र का शव घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर रोहनिया इलाके में उनके निर्माणाधीन मकान में मिला.
आपको बताते चलें भदैनी इलाके में रीता देवी नाम की महिला मंगलवार सुबह 11 बजे घर की सफाई करने पहली मंजिल के फ्लैट पर पहुंची. उसने दरवाजा खटखटाया. लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया. इसी बीच रीता ने दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया. अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू खून से लथपथ फर्श पर बेहोश पड़ी थी. वह भागकर दूसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में पहुंची. जहां एक कमरे में नवेंद्र खून से लथपथ फर्श पर पड़ा था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी. जबकि पांचवां शव 15 किलोमीटर दूर मिला.
राजेंद्र गुप्ता की लाश मिलने से पहले तक उसे ही हत्यारा माना जा रहा था. परिवार के चार लोगों की हत्या करने के बाद राजेंद्र के फरार होने और खुदकुशी करने का शक था. लेकिन कुछ घंटों बाद जब उसकी लाश मिली तो कहानी ने नया मोड़ ले लिया. राजेंद्र के शरीर पर दो-तीन गोलियों के निशान हैं. इसलिए शक है कि उसकी हत्या की गई है.
क्योंकि राजेंद्र गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने 1997 में संपत्ति के लालच में अपने भाई कृष्णा और उसकी पत्नी मंजू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके लिए वह जेल भी गए थे. राजेंद्र के पिता लक्ष्मी नारायण ने खुद भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. उस समय राजेंद्र ने अपने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी. कुछ देर बाद उनके पिता को गोली मार दी गई. इस घटना में उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी और एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हो गई थी.
हालांकि केस की ठीक से पैरवी न होने के कारण राजेंद्र बाद में जेल से रिहा हो गया था. बाहर आने के बाद उसने अपने पिता की पूरी संपत्ति पर अकेले ही कब्जा कर लिया. लेकिन कल की घटना के बाद जब पुलिस राजेंद्र की लोकेशन ट्रेस कर शहर के रोहनिया थाना क्षेत्र के रामपुर लठिया पहुंची तो दंग रह गई. क्योंकि वहां राजेंद्र के निर्माणाधीन मकान में उसका खून से लथपथ शव मिला. राजेंद्र गुप्ता के शरीर पर गोलियों के निशान थे. उसे 2 से 3 गोली मारी गई थी। ऐसे में राजेंद्र के खुदकुशी करने की थ्योरी गलत निकली. अब सवाल यह है कि राजेंद्र और उसके परिवार का हत्यारा कौन है? पुलिस जांच में जुटी है। हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है.
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