राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों की ली बैठक, कहा- कोई भी पात्र वोटर वंचित न हो

State Election Commissioner held a meeting of District Election Officers regarding the preparations for local body elections said- no eligible voter should be deprived

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बारे में जिला निर्वाचन अधिकारियों की ली बैठक, कहा- कोई भी पात्र वोटर वंचित न हो

रायपुर : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने स्थानीय निकाय निर्वाचन की तैयारियों के बारे में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारियों की विडियो कान्फ्रेंसिग के जरिए समीक्षा बैठक ली. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को सुचारु और निष्पक्ष ढंग से संचालित करने के लिए सभी जरुरी तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. ताकि चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएं समय पर और सही तरीके से संपन्न हो सकें.
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन नामावली को पूर्ण रूप से सही बनाया जाए. नामावली में किसी भी तरह की गलती को दूर करने के निर्देश दिए. ताकि हर योग्य मतदाता का नाम लिस्ट में शामिल हो और वे अपने मतदान का अधिकार सुनिश्चित कर सकें. उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर 2024 की स्थिति में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले सभी मतदाता का नाम लिस्ट में जरुर शामिल हो.
सिंह ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में कहा कि अब शासन द्वारा प्रावधान में संशोधन उपरांत निर्धारित प्रारुप में आवेदन के द्वारा और रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्वप्रेरणा से किया जा सकता है. उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक अक्टूबर की स्थिति में सभी योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के संबंध में प्रमुखता से कहा.
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के बारे में कहा कि योग्य और प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें ताकि चुनाव के दौरान सभी प्रक्रियाएं सही ढंग से हो सकें. इन अधिकारियों का चुनाव प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान होता है. इसलिए उनकी नियुक्ति में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए.
उन्होंने चुनाव कर्मियों की व्यवस्था और प्रशिक्षण के बारे में सभी जिले के कलेक्टर्स से जानकारी ली और चुनाव में संलग्न होने वाले सभी कर्मियों की उचित व्यवस्था और प्रशिक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव कर्मियों को प्रशिक्षण देने से वे चुनाव के दौरान आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम होंगे. उन्होंने अधिकारियों को समय पर और उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि चुनाव के दिन किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो. उन्होंने कर्मचारियों की समुचित व्यवस्था के लिए पास के जिले से तालमेल बनाने कहा.
राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने निर्वाचन सामग्री की व्यवस्था के बारे में कहा कि सभी जरुरी सामान समय से उपलब्ध हो. इसके अलावा, इन सामानों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के लिए कहा ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रह जाए.
समीक्षा बैठक में बजट आबंटन और जरुरतों पर भी विचार-विमर्श हुआ. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रुप से चलाने के लिए पर्याप्त बजट होना जरुरी है.
उन्होंने अधिकारियों से चुनाव में जरुरी सभी बजट प्रावधानों और दूसरी जरुरतों को पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने आम नागरिकों की मदद के लिए निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यवाही के लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष एवं शिकायत सेल की स्थापना करने कहा.
इस मौके पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सभी जिला के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी, उप सचिव डॉ नेहा कपूर और आलोक श्रीवास्तव एवं सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ हो सकते हैं. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है. राज्य सरकार ने निकाय चुनाव के नियमों में बदलाव किया है. नगर पालिक निगम (संशोधन) अध्यादेश 2024 में प्रकाशित हो गया है. अब निकाय चुनाव का कार्यकाल खत्म होने के छह महीने तक भी व्यवस्था को संभाला जा सकेगा. ऐसे में माना जा रहा है कि निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं.
नई अधिसूचना के मुताबिक अगर निकायों के चुनावी कार्यकाल पूरा होने से पहले नगर पालिका और नगर पंचायत पुनर्गठित नहीं की जाती है तो छह महीने के लिए राज्य सरकार व्यवस्था बनाकर आगे के कार्य का संचालन करवा सकेगी. हालांकि छह महीने के अंदर चुनाव कराना जरुरी होगा.
सरकार ने बनाई थी कमेटी
राज्य में पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ होंगे या नहीं इसे लेकर राज्य सरकार ने आईएएस ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में पंचायत-निकाय चुनाव एक साथ कराने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी. कमेटी ने भी एक साथ चुनाव कराने की अनुशंसा की थी.
जनता सीधे चुनेगी नेता
वहीं महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा या फिर अप्रत्यक्ष प्रणाली से इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि अब लोगों को अपना नेता चुनने का अधिकार होगा. कांग्रेस ने हार के डर से चुनाव प्रणाली को बदला था. वहीं इस नई व्यवस्था पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विष्णुदेव साय की सरकार पर हमला बोला है. प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार हार के डर से स्थानीय निकायों के चुनाव को आगे बढ़ाना चाहती है.
छत्तीसगढ़ में निकायों की स्थिति
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 184 निकाय, 14 नगर निगम, 48 नगर पालिका परिषद और 122 नगर पंचायत हैं. माना जा रहा है कि रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर चुनाव के बाद दोनों पार्टियां नगरीय निकाय चुनाव पर फोकस करेगी.
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