नवनिर्मित नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप, शहरी आवास योजना के नाम पर भराया जा रहा फर्जी फार्म

BJP candidate in newly formed Nagar Panchayat accused of violation of code of conduct, fake form being filled in the name of urban housing scheme

नवनिर्मित नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप, शहरी आवास योजना के नाम पर भराया जा रहा फर्जी फार्म

कोरिया : छत्तीसगढ़ में नवनिर्मित नगर पंचायत पटना अपने निर्माण के समय से ही सुर्खियों में है. पहले नगर पंचायत का विरोध, फिर विरोध करने वाले व्यक्ति का अनायास ही भाजपा में प्रवेश और उसके बाद नगर नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा द्वारा नव प्रवेशित कांग्रेसी को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाना. सब कुछ अप्रत्याशित रहा है.
कोरिया जिले से एकमात्र नगर पंचायत पटना का चुनाव संपन्न होने जा रहा है. जो नित्य नए कर्म के कारण सुर्खियों में रोजाना आता रहा है. इस चुनाव में काफी दिग्गज लोग भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसमें सबसे हाई प्रोफाइल वार्ड क्रमांक 6 को माना जा रहा है. जहां से रवि शंकर शर्मा भाजपा प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ रहे हैं. कोरिया भाजपा में इनका कद बड़ा रहा है. यह पटना मंडल के दो बार अध्यक्ष, पटना आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में सदस्य के साथ उपाध्यक्ष और अविभाजित कोरिया भाजपा के दो बार उपाध्यक्ष रहे हैं. वर्तमान में भाजपा संगठन में यह जिला कार्य समिति के सदस्य, ब्राह्मण समाज जिला कोरिया के संरक्षक, गायत्री प्रज्ञा पीठ पटना कोरिया के नवनिर्वाचित अध्यक्ष, और श्री श्री 108 श्री दुर्गा समाज सेवा समिति पटना के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं.
कुल मिलाकर इन सब बातों का लब्बोलुआब अभी यह है कि नगर पंचायत पटना में इनसे कद्दावर प्रत्याशी कोई नहीं है. लेकिन पटना नगर पंचायत चुनाव में सबसे पहले आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप भी इन्हीं पर लगा है.
विपक्षियों ने जो आरोप लगाया है और जो फोटो वीडियो जारी किया है. उसके मुताबिक हाई प्रोफाइल वार्ड क्रमांक 6 में आचार संहिता के दरमियान हाई प्रोफाइल पार्षद प्रत्याशी के कहने पर सड़कों में स्थित बिजली खंबो में स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा था. जिसकी जानकारी मिलने पर गोंडवाना नेता एवं पार्षद प्रत्याशी अखिलेश गुप्ता टीम के साथ कार्यस्थल पर पहुंचे और उच्च अधिकारियों से संपर्क कर काम को रुकवाया.
उनका आरोप है कि जो काम 15 से 20 साल तक ग्राम पंचायत में इनके शासन रहने पर नहीं लग पाया था. वह अचानक वोटरों को लुभाने और बरगलाने के लिए लगाया जा रहा था. जो कि आचार संहिता का खुला उल्लंघन है. वहीं अब एक दूसरा मामला भी पटना नगर पंचायत में सामने आ रहा है जहां भाजपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं द्वारा पटना नगर पंचायत के निवासियों से शहरी आवास का फार्म भरवाने की बात सामने आ रही है. जो कि आचार संहिता के दरमियान पूरी तरह गलत है. क्योंकि जब तक नगर सरकार का गठन नहीं हो जाता और कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल जाती है. यह संभव नहीं है. लेकिन वोटरों को लुभाने और अपने पक्ष में करने के लिए इस तरह के कृत्य किये जा रहे हैं. जो आचार संहिता का खुला उल्लंघन है.
जिसकी शिकायत भी निर्वाचन अधिकारियों के सामने की गई है. अब देखने वाली बात यहां होगी कि शिकायतों पर कोई कार्यवाही होती है या नहीं? या सत्ता शासन के दबाव में सब कुछ टांय टांय फिस्स हो जाएगा. और सत्ता पक्ष का लाभ भाजपा प्रत्याशियों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से मिलेगा.
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