जहरीली शराब पीने से सरपंच के भाई समेत सात ने तोड़ा दम, 30 बीमार, 4 की हालत नाजुक, मचा हड़कंप, चुनावी संबंध की आशंका

Seven including the sarpanch's brother died after drinking poisonous liquor, 30 fell ill, 4 in critical condition, panic created, suspicion of electoral connection

जहरीली शराब पीने से सरपंच के भाई समेत सात ने तोड़ा दम, 30 बीमार, 4 की हालत नाजुक, मचा हड़कंप, चुनावी संबंध की आशंका

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के कोनी थाना क्षेत्र के लोफन्दी गांव में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों मौत हो गई. करीब 30 लोग गंभीर हैं. उन्हें सिम्स में इलाज के लिए भर्ती किया गया है. पुलिस ने सिर्फ 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है. घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है. सब्जी आला अधिकारी सिम्स में डते हुए हैं. इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महुआ शराब पीने से सरपंच के भाई समेत 7 लोगों की मौत हो गई. जबकि 30 से लोग लोग बीमार हैं. इसमें से 4 की हालत नाजुक है. सभी का इलाज सिम्स में जारी है. आशंका जताई जा रही है कि गांव में चुनाव के दौरान जहरीली शराब बांटी गई थी. जिसे पीने से 7 लोगों की जान चली गई. यह पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र के लोफन्दी का है.
मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर के लोफन्दी में बुधवार को पहले एक की मौत हुई. फिर दो लोगों की जान गई. बीमारी समझकर इन सभी का अंतिम संस्कार करवाया गया. इसके बाद शुक्रवार की रात एक साथ चार लोगों की मौत हो गई. इसी दौरान कई दिनों से महुआ शराब पीने की बात सामने आई. मरने वाले सभी एक ही गांव के थे. ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के चलते गांव में शराब बांटी गई थी, जिसके सेवन से यह घटना हुई.
बताया जा रहा है कि जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में सरपंच रामाधार सुनहले का भाई रामू सुनहले भी शामिल है. स्थानीय निवासी जैजै राम पटेल ने बताया कि मृतकों में कन्हैया पटेल, कोमल लहरे, शत्रुघ्न देवांगन, डल्लू पटेल, बलदेव पटेल और कोमल देवांगन शामिल हैं. मृतकों के परिजन सदमे में हैं. पुलिस मौके पर मौजूद है प्रशासन ने मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है.
घटनास्थल पर पुलिस की टीम पहुंच चुकी है. लेकिन मामले को लेकर कुछ भी कहने से बच रही है. फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जहरीली शराब कहां से आई और इसे किसने बेचा. यह दर्दनाक घटना एक बार फिर अवैध शराब के घातक प्रभावों को उजागर करती है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 8-10 साल से गांव में महुआ शराब की अवैध बिक्री हो रही है. उन्होंने कहा कि आबकारी और पुलिस की टीम आती है. लेकिन मामले को दबा दिया जाता है. शिकायत करने पर सिर्फ दिखावे की कार्रवाई की जाती है. जिसकी वजह से अवैध शराब की बिक्री जारी है.
मृतकों की सूची
1. देव कुमार उर्फ दल्लू पटेल (40 साल)
2. कन्हैया पटेल (60 साल)
3. बलदेव पटेल (58 साल)
4. शत्रुघ्न देवांगन (45 साल)
5. कोमल देवांगन (40 साल)
6. कोमल लहरे (58 साल)
7. रामु सुनहरे (39 साल)
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